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कोई तो वजह होगी दुनिया का कोई भी विकसित देश ईवीएम से चुनाव नहीं कराता : मनोज झा

राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा

कोई तो वजह होगी दुनिया का कोई भी विकसित देश ईवीएम से चुनाव नहीं कराता : मनोज झा
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पटना। राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने शुक्रवार को कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की 'रन फॉर यूनिटी' अपील, उत्तर प्रदेश के लिए अमित शाह की यूसीसी को लेकर घोषणा, दिल्ली के व्यापारियों द्वारा सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र और एमएलसी चुनावों में एनडीए के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

ईवीएम से वोटिंग के मुद्दे पर मनोज झा ने बैलट पेपर से चुनाव कराने का समर्थन किया। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "कोई तो वजह रही होगी कि दुनिया का कोई भी विकसित देश ईवीएम से चुनाव नहीं कराता। जिन्होंने ईवीएम का आविष्कार किया, वह भी इससे चुनाव नहीं कराते हैं।"

उत्तर प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर आरजेडी सांसद ने कहा, "मैं क्या कहूं? गृह मंत्री के पास इसके अलावा और कौन से मुद्दे हैं? न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश और बिहार के सामने भी सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। युवा निराश हैं। कृपया ऐसे बयान न दें जो लोगों का ध्यान इन असली मुद्दों से भटकाए।"

उन्होंने कहा, "आप कई महीनों बाद उत्तर प्रदेश गए हैं। वहां अनिश्चितता का माहौल है और आपके और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच के रिश्तों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अगर आपने रोजगार, नौकरियों, सामाजिक सद्भाव, महंगाई पर काबू पाने और हमारे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के कामकाज में सुधार लाने के बारे में बात की होती, तो देश के गृह मंत्री के रूप में आपकी भूमिका कहीं अधिक स्पष्ट होती लेकिन आप और आपके लोग तो बस डॉग-व्हिसल पॉलिटिक्स कर रहे हैं।"

दिल्ली के व्यापारियों द्वारा कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखे जाने के मामले पर मनोज झा ने कहा कि इस संगठन के बारे में पहले कभी नहीं सुना गया था। अब उनसे पत्र लिखवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "ये बेचारे लोग और कर ही क्या सकते हैं? उन्हें डर है कि कहीं उन पर ईडी, सीबीआई या आयकर विभाग की कार्रवाई न हो जाए। जब गांधी मैदान में लाखों लोग आते हैं तो वो कुछ खरीदते हुए जाते हैं, जिसका फायदा छोटे-मझोले व्यापारियों को मिलता है। यह साधारण सा तर्क है, जिसके पीछे साक्ष्य है। जो इसे झूठलाने की कोशिश कर रहा है, वह अनर्थ कर रहा है।"


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