रोहिणी आचार्य ने पटना में छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की
परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़पों के बाद बुधवार को राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।

पटना। परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़पों के बाद बुधवार को राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) के नेतृत्व में छात्र प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से राजभवन की ओर बढ़े और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
पुलिस ने बैरिकेड, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया।
जब प्रदर्शनकारियों ने तितर-बितर होने से इनकार कर दिया और स्थिति बिगड़ गई, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेता और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारों के इस्तेमाल को 'दुखद' और 'निंदनीय' बताया।
रोहिणी आचार्य ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अपनी चिंताओं को उठाने का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय बलपूर्वक असहमति को दबाने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने तानाशाही मानसिकता का प्रतिबिंब बताया।
उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों से बातचीत शुरू करने, घटना का संज्ञान लेने और इसमें शामिल पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के आचरण की जांच करने का भी आह्वान किया।
एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में, रोहिणी आचार्य ने केंद्र में एनडीए सरकार पर व्यापक राजनीतिक हमला करते हुए आरोप लगाया कि सरकारें जनता की असहमति को स्थायी रूप से दबा नहीं सकतीं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अंततः लोकतांत्रिक जवाबदेही की जीत होगी और केंद्र सरकार पर जनता की चिंताओं को दूर करने के बजाय दमन का सहारा लेने का आरोप लगाया।


