योग सेहत के खजाने की ‘गोल्डन चाबी’ है : नकवी
अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि योग दिवस के दिन भारत की हजारों साल पुरानी विरासत दुनिया में अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समागम में बदल जाती है
नोएडा। अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि योग दिवस के दिन भारत की हजारों साल पुरानी विरासत दुनिया में अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समागम में बदल जाती है। नकवी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यहां आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि योग सेहत के खजाने की ‘गोल्डन चाबी’ है और यह मुल्क-मजहब की दीवारें तोड़ कर सेहत का साथी बन गया है।
नकवी ने कहा कि योग को आज दुनिया भर में पहचान और महत्व मिल रहा है और यह दुनिया में लोगों की सेहत का ‘संसाधन’ साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि योग दिवस के दिन भारत की हजारों साल पुरानी विरासत दुनिया में अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समागम में बदल गई है। नकवी ने योग को विश्व के जन जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प भारत को एक विकसित देश बनाना ही नहीं बल्कि सेहतमंद और साफ-सुथरा आदर्श देश बनाना है।
उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जोश-जज़्बे के साथ मनाया जाना वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती हुई साख का एक और प्रमाण है। वह स्वयं पिछले कई वर्ष से योग करते आ रहे हैं। अच्छी सेहत ही इंसान की सबसे बड़ी दौलत है। योग केवल व्यायाम नहीं है बल्कि यह सेहत विज्ञान भी है।
नकवी ने योग की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि योग तन को मजबूती और मन को शांति प्रदान करता है। योग की मदद से जीवन के विभिन्न पहलुओं में सामंजस्य बैठाया जा सकता है।
योगाभ्यास शरीर एवं मन, विचार एवं कर्म, और मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य प्रदान करने में भी सफलता दिलाता है और सकारात्मक रूप से लोगों की जीवनशैली को बदलता है तथा सेहत के स्तर को बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र महासभा में 11 दिसंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र के 175 देशों ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प सर्वसम्मति से अनुमोदित किया। इस निर्णय से विश्व भर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।