जर्मन लोगों की आदतें क्या लुभा सकेंगी निवेशकों को

जर्मन लोगों की जल्दी सोने और सूर्योदय से पहले उठने की आदत चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को बताई हैं.;

Update: 2026-10-21 05:45 GMT

जर्मन लोगों की समय की पाबंदी, जल्दी सोने और सूर्योदय से पहले उठने की आदत चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को बताई हैं, ताकि वो देश में पैसा निवेश करें. अरबों यूरो के निवेश की योजना पर सहमति बन गई है.

जर्मनी में अपनी तरह के पहले निवेश मेले में अरबों यूरो के निवेश के वादे हुए हैं. यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में निजी निवेशकों को मनाने के लिए अधिकारियों ने सारी बंदिशें हटा दी हैं.

कई वर्षों के कमजोर विकास से जूझ रहा जर्मनी ज्यादा विदेशी निवेश को लुभाने की कोशिश में है. ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और महंगे श्रम की वजह से कारोबारी निवेश करने में डर रहे हैं. बर्लिन के निवेश मेले में 200 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनियों के अधिकारी पहुंचे. इनमें बड़े कॉर्पोरेशन से लेकर इनवेस्टमेंट बैंक और फंड भी शामिल हैं.

चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की मेजबानी में यह जर्मनी का पहला इनवेस्टर समिट है जो बर्लिन में सोमवार को शुरू हुआ. एनवीडिया के प्रमुख जेनसेन हुआंग भी इस में शामिल होने के लिए सोमवार को ही पहुंच गए. सोमवार की शाम चमचमाते उद्घाटन समारोह में मैर्त्स और हुआंग ने एक नई साझेदारी की घोषणा. यह साझेदारी जर्मन उद्यगों के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज गति देने के लिए है ताकि देश की तकनीकी संप्रभुता कायम रहे.

निवेशकों को सबसे अधिक क्या भाया

जर्मन अधिकारी निवेशकों से दूसरे दिन भी लगातार अपील करते नजर आए. वित्तमंत्री लार्स क्लिंगबाइल ने तो कारोबारियों से मंगलवार को साफ कहा, "मैं आपका पैसा चाहता हूं." चांसलर मैर्त्स ने भी अपनी तरफ से समझाने की कोशिश की कि जर्मनी में कारोबार का माहौल क्यों बढ़िया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय भीड़ से कहा, "जर्मन मेहनती हैं, सोने जल्दी जाते हैं और सूर्योदय से पहले उठ जाते हैं. सबसे बुरा ट्रैफिक सुबह में 6 और 7 के बीच रहता है. बीच पर आने वाले हम पहले लोग हैं जो नाश्ते से पहले अपना तौलिया फैला देते हैं."

जर्मनी की समृद्धि के लिए गरीब बच्चों पर खर्च करना जरूरी

जर्मन लोगों की समय की पाबंद रहने की आदत के बारे में बताते हुए मैर्त्स ने कहा, "अगर आप किसी दोस्त को डिनर के लिए सात बजे बुलाएंगे तो हम 6:58 पर ही पहुंच जाएंगे." मैर्त्स ने यह भी कहा, "हम लोग भरोसेमंद हैं, पहले से जाने जा सकते हैं, सटीक हैं और चौंकाते नहीं. थोड़े शब्दों में कहूं तो जो निवेशकों को सबसे ज्यादा पसंद आते हैं."

जर्मन चांसलर ने देश के ठोस सार्वजनिक वित्त, स्वतंत्र न्यायपालिका और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ ही शिक्षा तंत्र और बेहतरीन शोध संस्थानों का भी जिक्र किया. इस दौरान मैर्त्स ने कहा कि उनकी सरकार अत्यंत महत्वाकांक्षी सुधारों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. मैर्त्स ने अर्थव्यवस्था को उबारने की दिशा में इन्हें हाल के दशकों में सुधार और आधुनिकीकरण के सबसे बड़े कदम बताया.

225 अरब यूरो से ज्यादा निवेश के वादे

आर्थिक मामलों की मंत्री काथरीना राइष ने भी चांसलर के सुर में सुर मिलाते हुए निवेशकों से कहा, "आप हमारे औद्योगिक आधार, बदलाव को अपनाने की हमारी प्रतिबद्धता और भरोसेमंद होने के हमारे पिछले रिकॉर्ड पर यकीन कर सकते हैं."

मंगलवार को राइष ने सरकारी प्रसारक डॉयचलैंडफुंक से कहा कि सम्मेलन में अब तक 225 अरब यूरो से ज्यादा के निवेश के लिए सहमति बनी है.

राइष ने बताया कि इस आंकड़े में केवल 10 करोड़ से ज्यादा के निवेश को ही शामिल किया गया है. ऑनलाइन रिटेल कंपनी एमेजॉन ने जर्मनी में 2027 में 16 अरब यूरो के निवेश की घोषणा की है. इसमें डाटा सेंटरों का विस्तार और क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार शामिल है.

सरकार की चुनौतियां

मैर्त्स के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने पिछले साल देश की सत्ता संभाली थी. मैर्त्स ने अर्थव्यवस्था में रफ्तार भरने का वादा किया था. इनमें ऊर्जा की बढ़ी कीमतों को नीचे लाना, अफसरशाही को घटाना और समाज कल्याण के तंत्र में व्यापक बदलाव की बात थी. हालांकि सुधार के रास्ता अब तक काफी उबड़खाबड़ रहा है. उसकी वजहों में अमेरिकी टैरिफ, ईरान युद्ध और गठबंधन में सुधारों के स्वरूप को लेकर असहमतियां हैं.

जर्मन सरकार ने अरबों का कर्ज लिया है ताकि आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के साथ ही उन कंपनियों को सहारा दे सके जो क्लाइमेट न्यूट्रल बनने की राह पर हैं. हालांकि सरकार को यह आभास है कि सिर्फ सरकारी धन से देश को आधुनिक नहीं बनाया जा सकता.

इस सम्मेलन का उद्देश्य जर्मनी को निवेश के लिहाज से आकर्षक ठिकाने के रूप में दिखाना और यहां के मजबूत सार्वजनिक वित्त को सामने लाना है. जर्मनी जी7 का अकेला देश है जिसकी क्रेडिट रेटिंग ट्रिपल-ए है. यहां कानून का शासन है और यह यूरोपीय पेटेंट दाखिल करने में पहले नंबर पर है.

आलियांज रिसर्च की एक स्टडी के मुताबिक जर्मनी में कुल निवेश 2019 से 2025 के बीच 6.4 फीसदी गिर गया. इसी समय में यूरोजोन में निवेश 6.7 फीसदी बढ़ा जबकि अमेरिका में 20.2 फीसदी.

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