ईरानी हमलों के बाद यूएई ने तोड़े व्यापारिक रिश्ते
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जुड़े जहाजों सहित खाड़ी क्षेत्र में मालवाहक जहाजों पर हुए ईरानी हमलों के बाद यूएई ने ईरान से अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय संबंध निलंबित कर दिये हैं;
अबू धाबी का बड़ा कदम: वित्तीय लेनदेन निलंबित
- 6.2 अरब डॉलर का व्यापार ठप, दुबई को झटका
अबू धाबी/तेहरान। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जुड़े जहाजों सहित खाड़ी क्षेत्र में मालवाहक जहाजों पर हुए ईरानी हमलों के बाद यूएई ने ईरान से अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय संबंध निलंबित कर दिये हैं।
यूएई विदेश मंत्रालय के रणनीतिक संचार विभाग की निदेशक आफरा अल हामेली ने बुधवार को घोषणा की कि बढ़ते तनाव के बीच ईरान से सभी व्यापारिक, वाणिज्यिक और वित्तीय लेनदेन को अगले आदेश तक रोक दिया गया है। अबू धाबी ने तेहरान पर समुद्री यातायात की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया, जबकि तेहरान ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
यह कदम दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को बड़ा झटका देगा, क्योंकि अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद दुबई लंबे समय से ईरान के लिए प्रमुख वाणिज्यिक और वित्तीय केंद्र रहा है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच लगभग 6.2 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था।
यह आर्थिक संबंध लगातार जारी तनाव के बावजूद कायम थे। यहां तक कि मई 2024 में दोनों देश परिवहन, रसद, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए थे, मगर यूएई और अन्य जीसीसी देशों पर ईरान के लगातार हमलों ने इन संबंधों में भारी खटास पैदा कर दी।
अबू धाबी के अनुसार, संघर्ष के दौरान उनके देश की ओर 3,000 से अधिक मिसाइलें और ड्रोन दागे गये हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में यूएई के ऊर्जा और परिवहन बुनियादी ढाँचों को निशाना बनाया गया, जिनमें जेबेल अली बंदरगाह, फुजैराह तेल डिपो और बारकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
अमीराती रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में 15 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 246 लोग घायल हुए हैं।
हालिया मिसाइल घटना मई के बाद यूएई पर पहला दर्ज हमला है, जो अबू धाबी के ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने दो तेल टैंकरों पर हमला करने का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद हुई है।
तनाव में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका भी ईरान पर आर्थिक दबाव तेज करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेट ने संकेत दिया है कि अमेरिका, ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी के साथ-साथ उस पर अब तक का सबसे कड़ा आर्थिक प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है।