हसीना शेख का नववर्ष पर जनता को संदेश : बीते दिनों के दुख और तकलीफों को मिटा दे ये साल

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने गुरुवार को मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर भ्रष्टाचार, झूठ और अपने निहित स्वार्थ के लिए देश को 'अंधेरे' की ओर धकेलने का आरोप लगाया;

By :  IANS
Update: 2026-01-01 08:22 GMT

नए साल पर शेख हसीना का संदेश, बांग्लादेश को ‘अंधेरे’ से बचाने की जनता से अपील

ढाका। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने गुरुवार को मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर भ्रष्टाचार, झूठ और अपने निहित स्वार्थ के लिए देश को 'अंधेरे' की ओर धकेलने का आरोप लगाया।

अवामी लीग पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनका संदेश साझा किया, जिसमें हसीना ने कहा है कि देश को बर्बाद करने की साजिश करने वालों का राज जनता के सामने पर्दाफाश हो चुका है।

हसीना ने कहा, “कामना है कि नया साल बांग्लादेश के सभी लोगों के लिए बहुत ज्यादा सामंजस्य, खुशियां और खुशहाली लेकर आए। यह बीते दिनों के दुख और तकलीफों को मिटा दे, जो गलतियां कीं या जो कमियां रह गईं उनको दूर करे और सभी के लिए एक यादगार साल बने। यह मेरा ख्वाब है और इस देश के लिए जिंदगी भर संघर्ष करने के बाद दिली ख्वाहिश भी! मैं चाहती हूं यह देश सच में अपने सभी लोगों का हो—चाहे उनका धर्म, रंग, वर्ग, रोजगार या जातीय पहचान कुछ भी हो।”

उन्होंने आगे कहा, “प्यारे देशवासियों, देश को बर्बाद करने की साजिश रचने वाले घिनौने चेहरे आपके सामने पहले ही बेनकाब हो चुके हैं। आपने देखा है कि कैसे गैर-कानूनी तरीके से कब्जा करने वालों ने, आपको बंधक बनाकर, बेहिसाब भ्रष्टाचार, झूठ और निजी फायदे के नशे में देश को अंधेरे की ओर धकेल दिया है।”

हसीना ने कहा कि बांग्लादेश का नाम खौफ से जुड़ गया है। नतीजतन, “आज कोई भी देश बांग्लादेश और उसके लोगों का सम्मान नहीं करता।”

उन्होंने दावा किया कि विदेशी निवेशकों और दानकर्ताओं में असुरक्षा का भाव है और इस वजह से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।

उन्होंने कहा, “देश को अंधेरे की इस यात्रा से बचाने के लिए हम सभी को एक साथ आना होगा। आइए, नए साल का स्वागत करते हुए, देश की रक्षा करने का संकल्प करते हैं।”

देश के लोगों को संबोधित करते हुए, हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की अलग पहचान और पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के मुक्ति युद्ध की विरासत—जिसके लिए उनकी सरकार ने देश को वैश्विक मंच पर सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए लगातार काम किया था—आज उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी देश में पहले ऐसा मुश्किल समय आया है, बांग्लादेश के लोग एक साथ आए हैं। हम सब वर्ग, धर्म, रंग, भाषा और जातीय मतभेदों को भुलाकर, और एक साझा सपने को पूरा करने के लिए मिलकर आगे बढ़े हैं।

सुनहरे भविष्य की कामना करते हुए, हसीना ने कहा, “मुझे पक्का यकीन है कि बांग्लादेश के लोग वर्तमान परेशानियों को और बढ़ने नहीं देंगे और नए साल में ही, हम इसका नतीजा देखेंगे।”

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