रूस की चेतावनी : यूक्रेन में पश्चिमी सैनिकों की तैनाती पर
मॉस्को, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि अगर पश्चिमी देशों की सेनाएं यूक्रेन की जमीन पर तैनात की जाती हैं, तो रूस इसे अपने खिलाफ सीधे युद्ध की घोषणा मानेगा।;
मॉस्को, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि अगर पश्चिमी देशों की सेनाएं यूक्रेन की जमीन पर तैनात की जाती हैं, तो रूस इसे अपने खिलाफ सीधे युद्ध की घोषणा मानेगा।
बुधवार को येकातेरिनबर्ग में आयोजित 'इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ यूथ' में उन्होंने कहा, "मैं यह साफ करना चाहता हूं कि हमें इसमें शामिल होने की कोई इच्छा नहीं है लेकिन अगर यूरोप, जो हर दिन रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी की बात करता है, रूस पर हमला करता है तो वह बिल्कुल अलग तरह का युद्ध होगा और वह बहुत कम समय तक चलेगा।"
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, लावरोव ने कहा कि मॉस्को अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। इसमें वह त्रिपक्षीय बातचीत का प्रारूप भी शामिल है, जिसका प्रस्ताव अमेरिका ने फिर से रखा है। हालांकि उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में रूस के शुरुआती उद्देश्यों को पूरा करना और संघर्ष की जड़ में मौजूद कारणों को खत्म करना जरूरी होगा।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए खतरों की मूल वजहों को खत्म करना और रूसी लोगों के अधिकारों की रक्षा करना, जिसमें उनकी मातृभाषा और ऑर्थोडॉक्स आस्था का अधिकार भी शामिल है, विशेष सैन्य अभियान के स्पष्ट और निर्धारित लक्ष्य हैं।
लावरोव ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से तय किए गए इन लक्ष्यों को हासिल करने से न केवल मौजूदा संकट का समाधान होगा, बल्कि पूरे यूरेशियाई महाद्वीप, खासकर उसके पश्चिमी यानी यूरोपीय हिस्से की स्थिति भी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि इससे ऐसी विश्व व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी जो विभिन्न देशों के हितों के संतुलन और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित हो।
इससे पहले मंगलवार को यूक्रेन मुद्दे पर राजदूतों की एक चर्चा के दौरान लावरोव ने कहा था कि रूस यूक्रेन के मामले में समझौते के रास्ते तलाशने के लिए तैयार है, लेकिन उसने अपनी एक मुख्य शर्त कभी नहीं बदली है और वह है अपनी सीमाओं के पास नाटो की मौजूदगी को रोकना।
उन्होंने कहा कि हम इस रुख के तहत उचित और व्यावहारिक समझौते तलाशने के लिए तैयार हैं, लेकिन हमारे मूल लक्ष्य नहीं बदले हैं। हम अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं और अपनी सीमाओं पर नाटो की मौजूदगी नहीं चाहते। लावरोव ने कहा कि रूस यूक्रेन में समाधान खोजने में अमेरिका की रुचि का स्वागत करता है।
उनके अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिका इस संघर्ष की जड़ों को समझता है, जबकि अन्य पश्चिमी देश ऐसा नहीं करते। बातचीत की संभावनाओं पर बोलते हुए लावरोव ने दोहराया कि रूस ने कभी भी वार्ता से इनकार नहीं किया है और वह द्विपक्षीय तथा त्रिपक्षीय दोनों तरह की बातचीत के लिए तैयार है।