रूस ने नावाल्नी को दिया जहर: यूरोपीय देशों का दावा

जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, स्वीडन और नीदरलैंड्स ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि यूरोपीय प्रयोगशालाओं में हुए टेस्ट इस बात की पुष्टि करते हैं कि अलेक्सी नावाल्नी की हत्या एपिबेटिडीन नाम के न्यूरोटॉक्सिन से की गई

Update: 2026-02-16 04:40 GMT

जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, स्वीडन और नीदरलैंड्स ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि यूरोपीय प्रयोगशालाओं में हुए टेस्ट इस बात की पुष्टि करते हैं कि अलेक्सी नावाल्नी की हत्या एपिबेटिडीन नाम के न्यूरोटॉक्सिन से की गई.

रूस के प्रमुख विपक्षी नेता अलेक्सी नावाल्नी को एक दुर्लभ और घातक जहर दे कर मारा गया था, जिसका स्रोत दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले डार्ट‑फ्रॉग हैं. यह पदार्थ रूस में प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नहीं है. पांच यूरोपीय देशों के संयुक्त बयान में कहा गया है कि नावाल्नी को यह जहर देने के लिए "रूस के पास साधन, मकसद और अवसर तीनों मौजूद थे.”

जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान डॉयचे वेले से बातचीत में कहा, "आज यह साफ हो गया है कि उन्हें रूसी कैद में जहर दिया गया था." वाडेफुल ने बताया कि नावाल्नी के शरीर में जिस न्यूरोटॉक्सिन की पुष्टि हुई है, वह मॉर्फीन से दो सौ गुना अधिक प्रभावशाली होता है. यह सांस से जुड़ी मांसपेशियों को काम करने से रोक देता है और पीड़ित दर्दनाक तरीके से दम घुटने के कारण मर जाता है.

दो साल पहले हुई थी मौत

ठीक दो साल पहले म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान ही अलेक्सी नावाल्नी की मौत की खबर आई थी. नावाल्नी रूस की एक जेल में 19 साल की सजा काट रहे थे. उनकी पत्नी यूलिया नावाल्नी उनकी रिहाई के लिए यूरोपीय नेताओं से चर्चा करने म्यूनिख पहुंची थीं. यूलिया के भाषण से कुछ ही वक्त पहले अलेक्सी नावाल्नी की मौत की घोषणा हुई. ताजा रिपोर्ट आने बाद यूलिया ने कहा कि उन्हें "पहले दिन से ही यकीन था” कि उनके पति को जहर दिया गया था.

वाडेफुल ने उनके बारे में कहा, "अलेक्सेई नावाल्नी न सिर्फ रूसी विपक्ष का साहसी चेहरा थे, बल्कि पहले भी एक कायरतापूर्ण हमले के शिकार हो चुके थे. बर्लिन की शारिटे अस्पताल में उनका इलाज हुआ था. और इसके बावजूद वे वापस रूस लौट गए थे. उनकी मौत उन सभी लोगों के लिए एक गहरी चोट है, जिन्होंने अब भी एक स्वतंत्र देश की आशा नहीं छोड़ी है."

पहले भी हुए थे हमले

साल 2020 में नावाल्नी पर तथाकथित नर्व एजेंट से हमले हुआ था, जिसके इलाज के लिए उन्हें जर्मनीलाया गया था. इलाज के बाद वे रूस लौटे और वहां उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया.

एपिबेटिडीन भी नर्व एजेंट की तरह काम करने वाला एक विष है. यह एक शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन है जो दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले डार्ट‑फ्रॉग की त्वचा में मिलता है. इसे कृत्रिम रूप से लैब में भी तैयार किया जा सकता है. यूरोपीय जांच एजेंसियों का मानना है कि नावाल्नी पर इस्तेमाल किए गए जहर को प्रयोगशाला में ही तैयार किया गया था. वहीं रूसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि नवाल्नी की मौत "प्राकृतिक कारणों” से हुई.

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