भारत-ईयू व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए ब्रसेल्स जाएंगे पीएम मोदी

यूरोपीय परिषद के प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने घोषणा की, "प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में समझौते पर हस्ताक्षर करने आएंगे.";

Update: 2026-10-30 10:58 GMT

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का “महाभियोग” खराब मौसम की वजह से टला

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को घोषणा की कि बारिश के कारण इंडिया गठबंधन का मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित “सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम” शनिवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सांसदों को बारिश में बैठने में दिक्कत हो सकती थी.

यह कार्यक्रम शुक्रवार को 3.30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होना था. इसमें प्रतीकात्मक तौर पर सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई की जानी थी. अब यह कार्यक्रम शनिवार, 31 अक्टूबर को होगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलावा समाजवादी पार्टी और टीएमसी समेत कई विपक्षी पार्टियों के नेता इसमें हिस्सा लेंगे.

इसके बाद 1 नवंबर को विपक्षी पार्टियां दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली भी करेंगी. राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस सभी विपक्षी पार्टियों के साथ रामलीला मैदान तक मार्च करेगी. उन्होंने इसे वोट बचाने की लड़ाई करार दिया है. उन्होंने आरोप भी लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोगों को दिल्ली तक पहुंचने से रोक रहे हैं.

कुछ लोगों का प्लान देश में अफरातफरी फैलाना था ताकि 'मोदी' को बदनाम कर सकें : पीएम मोदी

गुजरात के बनासकांठा में विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों का प्लान देश में अफरातफरी फैलाकर उन्हें बदनाम करना था. उन्होंने कहा कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र में तनाव के दौरान किसानों के बीच खाद की कमी को लेकर अफवाहें फैलाई गईं, लेकिन सरकार ने किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी.

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश का हर किसान, हर नौजवान विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लग रहा. ये ऐसे लोग हैं जो देश को मुश्किल में देखना चाहते हैं. इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था ताकि ये 'मोदी' को बदनाम कर सकें.

ईरान युद्ध से पूरी दुनिया में पैदा हो सकता है खाद्य संकट

सियोल में जर्मन चांसलर ने कहा, कारोबार को हथियार ना बनाएं

एशिया का दौरा कर रहे जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को हथियार की तरह इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी है. सिंगापुर और जापान के बाद दक्षिण कोरिया पहुंचे मैर्त्स ने शुक्रवार को यह चेतावनी दी.

दक्षिण कोरिया की राजधानी में एशिया-पैसिफिक कॉन्फ्रेस ऑफ जर्मन बिजनेस को संबोधित करते हुए मैर्त्स ने कहा, "अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है. टैरिफ, तकनीकी अलगाव की रणनीतियां और अहम कच्चे माल की होड़ और नई तकनीकें, अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के नियमों को निर्णायक रूप से बदल रही हैं."

जर्मन चांसलर के मुताबिक, यूरोपीय संघ अस्थिर होते कारोबारी माहौल के दबाव से निपटने में एशिया की मदद कर सकता है. उन्होंने कहा, "ताकत से जुड़ा ये विवाद और ढांचागत बदलाव हम सबको चिंतित करता है. ये आर्थिक विकास का सपना देखने वाले हिंद-प्रशांत के साझेदारों के साथ साथ जर्मनी और यूरोप के लिए भी खासी चिंता की बात है."

सिंगापुर और जापान में भी मैर्त्स ने इसी तरह का खाका पेश किया. जर्मनी चाहता है कि एशिया और यूरोपीय देश ज्यादा आर्थिक साझेदारियां और कारोबारी समझौते कर अपने हितों की रक्षा करें. ट्रंप के टैरिफ युद्ध और चीन की आक्रामक कारोबारी नीतियों के चलते यूरोप और एशिया के कई देश मुसीबत में हैं.

सियोल में इसी माहौल से उपजी चिंता का जिक्र करते हुए मैर्त्स ने कहा, "हम एकतरफावाद, निरंकुश शक्ति वाली राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ खड़ी ताकत से दृढ़ संकल्प के साथ जुड़ रहे हैं."

तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनी तो लागू करेंगे यूसीसी: अमित शाह

लखनऊ में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2027 विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य तय करते हुए कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत से जुटने की अपील की है. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत नाराजगी भुलाकर संगठन को मजबूत करना होगा.

शाह ने योगी सरकार की कानून व्यवस्था, निवेश और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी. उन्होंने कहा कि भाजपा अपने संकल्पों को पूरा करने वाली पार्टी है और अनुच्छेद 370 हटाने तथा राम मंदिर निर्माण इसका उदाहरण हैं.

उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि भाजपा अगले चुनाव में भी बड़ी जीत हासिल करेगी और प्रदेश में विकास की गति को और तेज करेगी. लखनऊ में हुई इस बैठक से एक दिन पहले ही, उत्तर प्रदेश के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनावों में बीजेपी को झटका लगा. पार्टी वाराणसी की दोनों सीटें हार गईं. यूपी में वह 11 में से छह ही सीटें जीत सकी.

आईडीबीआई बैंक की बिक्री को लेकर भिड़े राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण

आईडीबीआई बैंक की नियंत्रक हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए हैं. शुक्रवार, 30 अक्टूबर की सुबह राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस के समय पर बैंक बनते थे. मोदी के समय में बिकते हैं.”

उन्होंने लिखा, “कांग्रेस के समय में आईडीबीआई बना, देश का उद्योग खड़ा करने के लिए. मोदी के समय में पहले बोली देखी गई, फिर दाम तय हुआ.” उन्होंने आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों को एक पत्र लिखकर उनके साथ खड़े रहने की बात कही. उन्होंने लिखा, “मैं आपकी लड़ाई में आज आपके साथ खड़ा हूं और आपकी सभी जायज मांगों का पूरी तरह से समर्थन करता हूं.”

इस पोस्ट का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने लिखा कि सभी जानते हैं कि कैसे कांग्रेस ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों का इस्तेमाल निजी संस्थाओं की तरह किया है. उन्होंने लिखा, “आईडीबीआई बैंक हमें दयनीय स्थिति में सौंपा गया था क्योंकि आईडीबीआई को उन बड़े व्यापारिक समूहों को कर्ज देने के लिए मजबूर किया गया था जिनके कांग्रेस नेताओं से घनिष्ठ संबंध थे.”

सीतारमण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय पर आईडीबीआई बैंक ने वीडियोकॉन, विनसम, एबीजी शिपयार्ड और किंगफिशर जैसी कंपनियों को कर्ज दिए जो वापस नहीं किए गए. उन्होंने कहा कि इससे आईडीबीआई बैंक को बड़ा घाटा हुआ और एनडीए सरकार ने पेशेवर कार्यशैली से आईडीबीआई बैंक को पुनर्जीवित किया और अब बैंक विकास के अगले चरण के लिए तैयार है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट ने 14 अक्टूबर को आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी, कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सहायक कंपनी को बेचने के लिए 52,878 करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी दी. इसके बाद भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम की बैंक में करीब 34 फीसदी हिस्सेदारी बचेगी.

भूटान में ग्लेशियर झील फटी, एनडीआरएफ ने कहा- भारत के लिए चिंता नहीं

हिमालयी देश भूटान में गुरुवार रात को एक ग्लेशियर झील फट गई. इसके बाद आई बाढ़ में गासा त्साचु नेचुरल हॉट स्प्रिंग कॉम्प्लेक्स का बुनियादी ढांचा बह गया. गासा त्साचु में स्थित हॉट स्प्रिंग उत्तरी भूटान में एक प्रमुख पर्यटक केंद्र हैं. भूटान के सरकारी प्रसारक बीबीएस के मुताबिक, किसी की जान जाने या घायल होने की खबर नहीं है.

बीबीएस के मुताबिक, अंधेरे और पानी के तेज बहाव की वजह से बाढ़ से हुए नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हो सका है. हालांकि, बीबीएस ने दो पुलों के बह जाने की आशंका जताई है. भूटान की स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ के पानी के पहुंचने से पहले ही इलाके को खाली करवा लिया गया था.

भूटान में ग्लेशियर झील के फटने के बाद असम और पश्चिम बंगाल में भी निगरानी बढ़ा दी गई है. दरअसल, झील फटने की वजह से पुनाटसंगच्चू नदी में बाढ़ आने की चेतावनी दी गई है जिसे भारत में संकोश के नाम से जाना जाता है. नदी के आसपास बसे इलाकों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया है.

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक पीयूष आनंद ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि अभी तक चिंता का कोई कारण नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और फोर्स संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं.

भारत-ईयू व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए ब्रसेल्स जाएंगे पीएम मोदी

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत और यूरोपीय संघ के मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए दिसंबर में ब्रसेल्स जाएंगे. बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में ही यूरोपीय संघ का मुख्यालय स्थित है. यूरोपीय परिषद के प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को पीएम मोदी के इस दौरे की घोषणा की.

एंटोनियो कोस्टा ने कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की. कोस्टा दो दिवसीय ईयू-कनाडा शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कनाडा के दौरे पर हैं. कनाडा और ईयू के रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए इसका आयोजन किया गया है. हालांकि, ईयू ने कनाडा को ‘एसोसिएट मेंबर’ बनाने का प्रस्ताव वापस ले लिया है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच जनवरी, 2026 में व्यापार समझौते को लेकर सहमति बन गई थी लेकिन इस पर औपचारिक हस्ताक्षर होना अभी बाकी है. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, 17 दिसंबर से ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं की एक बैठक शुरू होगी. पीएम मोदी का दौरा इससे पहले होने की संभावना है.

इस साल जनवरी में यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला फॉन डेय लाएन और यूरोपीय परिषद के प्रमुख अंटोनियो कोस्टा ने भारत का दौरा किया था. उसी दौरान व्यापार समझौते पर सहमति बनी थी. इसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" करार दिया गया था, जिसके दायरे में भारत और यूरोप के 200 करोड़ लोग आएंगे.

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