पेजेश्कियन : ईरान पर आर्थिक दबाव डालने की कोशिशें नाकाम
नई दिल्ली, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि देश के सामने बने 'खास हालात' से निपटने के लिए सरकार ने एक नई व्यवस्था अपनाई है। उन्होंने कहा कि ईरान पर आर्थिक दबाव डालने की कोशिशें अपने मकसद में कामयाब नहीं हुई हैं।;
नई दिल्ली, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि देश के सामने बने 'खास हालात' से निपटने के लिए सरकार ने एक नई व्यवस्था अपनाई है। उन्होंने कहा कि ईरान पर आर्थिक दबाव डालने की कोशिशें अपने मकसद में कामयाब नहीं हुई हैं।
पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा कि देश पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। हालांकि, उनका कहना है कि ईरान की जनता के सहयोग और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से दुश्मन उस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया, जिसे उन्होंने 'आर्थिक युद्ध' बताया।
ईरानी राष्ट्रपति ने लिखा, "सरकार ने इन खास हालात से निपटने के लिए एक नई व्यवस्था अपनाई है। पिछले कुछ महीनों में दुश्मन की योजना देश की जरूरी व्यवस्थाओं को रोककर ईरान के लोगों पर दबाव बनाने की रही है। आर्थिक दबाव बढ़ा है, लेकिन ईश्वर की कृपा, लोगों के सहयोग और सरकार में हमारे साथियों की ओर से उठाए गए कदमों के चलते हमने आर्थिक युद्ध में दुश्मन के मकसद को पूरा नहीं होने दिया।"
पेजेश्कियन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब संघर्ष को लेकर तनाव जारी है और ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध 'बहुत जल्द' खत्म हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष खत्म होने के बाद तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी। ट्रंप ने ईरान को भारी सैन्य और आर्थिक दबाव में भी बताया।
टेक्सास पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत और बाद में डेंटन में पीटरबिल्ट मोटर्स की एक फैक्ट्री के दौरे के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के सामने यह तय करने का विकल्प है कि संघर्ष किस तरह खत्म होगा।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "ईरान के साथ यह मामला बहुत जल्द किसी न किसी तरह खत्म होने वाला है। वहां महंगाई 301 प्रतिशत है। उनके पास पैसा नहीं है, उनकी करेंसी की हालत खराब है। उनकी सेना हार चुकी है, उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, सब कुछ खत्म हो चुका है।"
उन्होंने कहा, "किसी न किसी तरह यह बहुत जल्द खत्म होगा। और जब यह खत्म होगा, तो तेल की कीमतें बहुत तेजी से नीचे आएंगी।"