ईरान पर नेतन्याहू का वार: लड़ाई जारी रखने का ऐलान
ईरानी मीडिया के हवाले से आई खबर के अनुसार ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू हो गई है
इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर किया बड़ा हमला, अंतरराष्ट्रीय निंदा तेज
- पाकिस्तान को चेतावनी: इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं
- अमेरिका-ईरान वार्ता इस्लामाबाद में शुरू, तनाव बरकरार
- संघर्ष विराम के बावजूद लेबनान में इजरायल का हमला, भारी नुकसान
इस्लामाबाद। ईरानी मीडिया के हवाले से आई खबर के अनुसार ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू हो गई है। लेकिन इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मेरे नेतृत्व में, इजरायल ईरान के आतंकवादी शासन और उसके सहयोगियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा; इसके विपरीत, एर्दोगन उन्हें सहायता प्रदान करते हैं और यहां तक कि अपने कुर्द नागरिकों का नरसंहार भी करते हैं।
वहीं, ईरान के साथ अमेरिका के सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला कर दिया था। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई। वहीं दोनों पक्षों के बीच सीजफायर की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले को लेकर कुछ ऐसा कहा जिससे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भड़क उठे।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायल के विनाश की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत बुरा है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सके, खासकर उस सरकार से जो शांति के लिए न्यूट्रल आर्बिटर होने का दावा करती है।"
गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत कई ईरानी शहरों पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दिया और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कड़ा कर दिया।
हालांकि, दोनों देशों के बीच दो सप्ताह का संघर्ष विराम हाल ही में लागू हुआ है, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट किया है कि यह लेबनान संघर्ष पर लागू नहीं होता। इसी के तहत लेबनान में बड़े हमले भी किए गए, जिनमें भारी जानमाल का नुकसान हुआ।
इससे पहले, गालिबाफ ने वार्ता शुरू होने से पहले लेबनान में संघर्ष विराम और ईरानी संपत्तियों की रिहाई को प्रमुख शर्त बताया था। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमेरिका संपत्तियां अनफ्रीज करने पर सहमत हो गया है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इन खबरों से इनकार किया है।