नई दिल्ली/काबुल: भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के प्रति अपनी मानवीय प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए वहां लौट रहे परिवारों के पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण सहायता उपलब्ध कराई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी कि भारत ने अफगानिस्तान के शरणार्थी एवं पुनर्वास मंत्रालय (Ministry of Refugees and Repatriation) को परिवारों के रहने के लिए टेंट सौंपे हैं। इन टेंटों का उद्देश्य पाकिस्तान और अन्य देशों से वापस लौट रहे अफगान नागरिकों को अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराना और उनके पुनर्वास में सहयोग देना है।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि भारत अफगानिस्तान के लोगों के लिए लगातार मानवीय सहायता उपलब्ध कराता रहा है। मंत्रालय के अनुसार, टेंट की यह खेप ऐसे परिवारों के लिए भेजी गई है जो अपने देश लौटने के बाद रहने की बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। भारत का मानना है कि कठिन परिस्थितियों में रह रहे अफगान नागरिकों को राहत पहुंचाना उसकी मानवीय जिम्मेदारी का हिस्सा है।
As part of India's continued humanitarian assistance to the people of Afghanistan, India has handed over family tents to the Afghan Ministry of Refugees and Repatriation (MoRR) to support the shelter and rehabilitation needs of Afghan returnees. pic.twitter.com/UHYtJE1U0c
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 13, 2026
पाकिस्तान से तेजी से लौट रहे हैं अफगान नागरिक
हाल के महीनों में पाकिस्तान से अफगानिस्तान लौटने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पाकिस्तान सरकार ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और बिना वैध दस्तावेज वाले अफगान प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, जिन अफगानों के पास वैध वीजा या आवश्यक दस्तावेज नहीं थे, उन्हें 10 जुलाई तक स्वेच्छा से पाकिस्तान छोड़ने का समय दिया गया था। समयसीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने वापसी की प्रक्रिया को और तेज कर दिया।
24 घंटे में 4,000 से अधिक लोगों की वापसी
अफगान मीडिया आउटलेट अमू टीवी के अनुसार, तालिबान प्रशासन की हाई कमीशन फॉर एड्रेसिंग रिटर्नीज इश्यूज ने बताया कि पिछले सप्ताहांत केवल 24 घंटे के भीतर पाकिस्तान से 4,000 से अधिक अफगान नागरिक अपने देश लौटे। लगातार बढ़ती वापसी के कारण सीमा क्षेत्रों और राहत शिविरों पर दबाव भी बढ़ रहा है।
रोजाना 10 हजार से अधिक लोगों की वापसी
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, लांडी कोटल स्थित हमजा बाबा ट्रांजिट पॉइंट के आंकड़े बताते हैं कि अफगान नागरिकों की वापसी लगातार बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार के निर्देशों के बाद अब प्रतिदिन 10,000 से अधिक लोग अफगानिस्तान लौट रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में लौट रहे लोगों के लिए आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना अफगान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
UNHCR ने जताई गंभीर चिंता
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) ने पाकिस्तान से हो रही अफगान नागरिकों की वापसी को लेकर चिंता व्यक्त की है। पाकिस्तान में UNHCR के प्रवक्ता कैसर खान अफरीदी ने कहा कि संगठन विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि ऐसे कई लोग हैं जिन्हें ऐसे माहौल में लौटना पड़ रहा है, जहां उनके मानवाधिकारों और सुरक्षा पर गंभीर खतरे मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं, बच्चों और अन्य संवेदनशील समूहों को वापसी के बाद अतिरिक्त जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। UNHCR ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि अफगान नागरिकों की वापसी स्वैच्छिक, सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से सुनिश्चित की जाए।
भारत की राहत से मिलेगा सहारा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए टेंट और अन्य मानवीय सहायता हजारों लौट रहे परिवारों के लिए शुरुआती राहत साबित हो सकती है। बड़ी संख्या में लोग सीमावर्ती इलाकों में अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी है। ऐसे में भारत की यह सहायता राहत और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भारत पिछले कई वर्षों से अफगानिस्तान को खाद्यान्न, दवाइयों, टीकों, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री और अन्य मानवीय सहायता उपलब्ध कराता रहा है। मौजूदा सहायता भी उसी मानवीय नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में अफगान जनता को राहत पहुंचाना और उनके पुनर्वास में सहयोग देना है।