इजरायल का ई1 सेटलमेंट प्रोजेक्ट चर्चे में

नई दिल्ली, पिछले महीने इजरायल ने अधिकृत वेस्ट बैंक के ई1 क्षेत्र में 1,234 इजरायली आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए हैं। इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध बढ़ गया है। बुधवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे अस्वीकार्य बताया।;

By :  IANS
Update: 2026-09-16 11:10 GMT

नई दिल्ली, पिछले महीने इजरायल ने अधिकृत वेस्ट बैंक के ई1 क्षेत्र में 1,234 इजरायली आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए हैं। इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध बढ़ गया है। बुधवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे अस्वीकार्य बताया।

स्ट्रासबर्ग में 'स्टेट ऑफ द यूनियन' के सालाना कार्यक्रम में यूरोपीय सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "टू-स्टेट सॉल्यूशन (दो-देश समाधान) की उम्मीद को जिंदा रखना यूरोप की जिम्मेदारी है।"

ई1 परियोजना पूर्वी यरुशलम और बड़े इजरायली बस्ती क्षेत्र माले अदुमीम के बीच स्थित इलाके में प्रस्तावित है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के तहत अंततः करीब 3,400 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाना है। माले अदुमीम पूर्वी यरुशलम से लगभग सात किलोमीटर पूर्व में स्थित है।

यह क्षेत्र वेस्ट बैंक के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच स्थित है और आलोचकों का कहना है कि यहां बड़े पैमाने पर इजरायली बस्तियों के निर्माण से फिलिस्तीनी समुदायों के बीच आवाजाही और क्षेत्रीय संपर्क प्रभावित होगा।

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बड़े हिस्से के अनुसार, अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली बस्तियों का निर्माण अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है। इजरायल इस कानूनी स्थिति को स्वीकार नहीं करता और वेस्ट बैंक को आधिकारिक तौर पर ‘जूडिया एंड सामरिया’ कहता है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय पहले ई1 परियोजना को कब्जे वाले क्षेत्र पर नियंत्रण मजबूत करने की दिशा में एक गंभीर और गैरकानूनी कदम बता चुका है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी कहा है कि इस क्षेत्र में बस्ती निर्माण अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के विपरीत है।

ई1, यानी ‘ईस्ट 1’, नाम से जानी जाने वाली योजना की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी। इजरायली प्रधानमंत्री यित्जाक शमीर के कार्यकाल में 1991 में इस योजना की शुरुआत हुई और 1994 में प्रधानमंत्री यित्जाक राबिन के कार्यकाल में इसे आगे बढ़ाया गया।

हालांकि, आवासीय निर्माण की योजना को कई बार अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण रोक दिया गया। इजरायल ने 2004 में ई1 क्षेत्र में प्रारंभिक बुनियादी ढांचे का काम शुरू किया था। बाद में वहां सड़कें और एक पुलिस मुख्यालय भी बनाया गया, लेकिन हजारों घरों के निर्माण की योजना पर रोक बनी रही।

अमेरिका और यूरोप की विभिन्न सरकारें लंबे समय से चेतावनी देती रही हैं कि ई1 में निर्माण भविष्य के फिलिस्तीनी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता को प्रभावित कर सकता है। अमेरिकी दबाव के बाद 2022 में भी इजरायल ने ई1 योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया स्थगित कर दी थी।

इजरायल के वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच, जो रक्षा मंत्रालय में भी अतिरिक्त मंत्री की भूमिका निभाते हैं, वेस्ट बैंक में बस्ती प्रशासन से जुड़े मामलों की देखरेख करते हैं। स्मोट्रिच ने ई1 योजना को फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को रोकने से जोड़ा है। 2025 में योजना को आगे बढ़ाए जाने के समय उन्होंने कहा था कि इसकी मंजूरी फिलिस्तीनी राज्य के विचार को समाप्त करती है।

मार्च 2025 में इजरायल ने 33.5 करोड़ शेकेल यानी करीब 9.2 करोड़ डॉलर की राशि तथाकथित ‘सॉवरेन्टी रोड’ के निर्माण के लिए आवंटित की थी। इस सड़क का उद्देश्य ई1 और माले अदुमीम क्षेत्र से फिलिस्तीनी यातायात को अलग मार्ग से ले जाना है। मई 2026 में इजरायली अधिकारियों ने पूर्वी यरुशलम के पास अल-इजारिया के पूर्वी प्रवेश द्वार पर करीब 50 फिलिस्तीनी दुकानों और व्यवसायों को ध्वस्त कर दिया था। यह इलाका प्रस्तावित बस्ती से जुड़ी सड़क के निर्माण की योजना के तहत आता है।

ई1 परियोजना को वेस्ट बैंक में इजरायली बस्ती विस्तार की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। फरवरी 2026 में इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने भी वेस्ट बैंक में इजरायली अधिकार क्षेत्र के विस्तार से जुड़े कई कदमों को मंजूरी दी थी।

नए ई1 टेंडर के लिए बोली जमा करने की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर रखी गई है। यह तारीख 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायल के आगामी चुनाव से केवल आठ दिन पहले है।

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