ईरान : वार्ता में परमाणु हथियार पर नहीं हो सकता समझौता

वॉशिंगटन, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रहते ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बाहरी सैन्य कार्रवाई से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर मिसाइलों और ड्रोन का जखीरा तैयार कर रहा है।;

By :  IANS
Update: 2026-10-08 08:45 GMT

वॉशिंगटन, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रहते ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बाहरी सैन्य कार्रवाई से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर मिसाइलों और ड्रोन का जखीरा तैयार कर रहा है।

एथेंस में ग्रीस के विदेश मंत्री जियोर्गोस गेरापेट्रिटिस के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुबियो ने कहा कि ईरान को लेकर वॉशिंगटन का रुख बिल्कुल साफ है। उनसे पूछा गया था कि क्या भविष्य में किसी समझौते के तहत अमेरिका ईरान को सीमित स्तर तक यूरेनियम संवर्धन की इजाजत दे सकता है।

रुबियो ने कहा, "ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। बात साफ है, बस यही अंतिम बात है।"

हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि बातचीत के दौरान अमेरिका ईरान की कितनी परमाणु गतिविधियों को स्वीकार कर सकता है। लेकिन उन्होंने साफ किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा क‍ि ईरान के साथ जो भी समझौता अमेरिका को मंजूर होगा, उसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न हो। रुबियो से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान को लेकर सवाल पूछा गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान को अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने दावा किया कि तेहरान अपनी सैन्य ताकत इतनी बढ़ाना चाहता था कि कोई भी देश उसके परमाणु ठिकानों पर हमला करने से पहले कई बार सोचे।

रुबियो के मुताबिक, ईरान की रणनीति इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन जमा करने की थी कि उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकने की कोशिश करने वाले देशों को वह बड़े जवाबी हमले की धमकी दे सके।

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान को इस स्थिति तक पहुंचने से रोकने के लिए कार्रवाई की। ट्रंप का जिक्र करते हुए रुबियो ने कहा, "उन्होंने ईरान के ड्रोन कार्यक्रम और ड्रोन बनाने की क्षमता को तबाह कर दिया।"

उन्होंने दावा किया उनकी मिसाइल क्षमता को खत्म कर दिया। मौजूदा लॉन्चरों के लिहाज से भी उनकी क्षमता को काफी कमजोर कर दिया गया। उन्होंने उनकी नौसेना और वायुसेना को भी तबाह कर दिया।

हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान की सैन्य क्षमताओं को हुए इतने बड़े नुकसान से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई।

रुबियो ने कहा कि ईरान की सैन्य स्थिति काफी कमजोर हो गई है और अब तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ किसी कार्रवाई को रोकने के लिए अपनी पारंपरिक सैन्य ताकत पर पहले की तरह भरोसा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा क‍ि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। राष्ट्रपति ट्रंप जब तक पद पर हैं, तब तक ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान की अर्थव्यवस्था को लेकर भी बेहद नकारात्मक तस्वीर पेश की। उन्होंने देश की बिगड़ती आर्थिक हालत के लिए ईरानी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से तेहरान पर भारी दबाव पड़ रहा है और आने वाले समय में ईरान की आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।

रुबियो ने कहा क‍ि ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से गिरावट की ओर है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह देश के बुनियादी ढांचे और आम लोगों की भलाई पर पैसा खर्च करने के बजाय विदेशों में सक्रिय सशस्त्र समूहों को संसाधन दे रहा है।

रुबियो ने खास तौर पर हिजबुल्लाह, हमास, हूती और इराक से सक्रिय मिलिशिया समूहों का नाम लिया और कहा कि उन्हें ईरान से आर्थिक मदद मिलती है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्‍ट्रेट खुला हुआ है और वहां से तेल की आवाजाही लगभग उसी स्तर पर पहुंच गई है, जितनी संघर्ष शुरू होने से पहले थी। रुबियो ने ये बातें ग्रीस के साथ हुई बातचीत के दौरान कहीं। इस चर्चा में समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और मध्य पूर्व में अस्थिरता के असर जैसे मुद्दों पर भी बात हुई।

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