हूती विद्रोहियों ने अदन के एयरपोर्ट पर किया मिसाइल हमला
नई दिल्ली, यमन में एक बार फिर हूती विद्रोहियों को हमला हुआ। दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में हूती विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया। अदन की सुरक्षा प्रशासन ने बताया कि हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलें हवाई अड्डे के परिसर में गिरीं।;
नई दिल्ली, यमन में एक बार फिर हूती विद्रोहियों को हमला हुआ। दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में हूती विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया। अदन की सुरक्षा प्रशासन ने बताया कि हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलें हवाई अड्डे के परिसर में गिरीं।
सुरक्षा प्रशासन के बयान के अनुसार, अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर के अंदर दो मिसाइलें गिरीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी ने पहले बताया था कि दो मिसाइलें एयरपोर्ट के पास गिरीं, जबकि तीसरी मिसाइल पश्चिमी अदन के अल-बुरैका इलाके में सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के मुख्यालय के पास स्थित एक सैन्य अड्डे पर लगी।
हमले के दौरान शहर में तीन जोरदार धमाके सुनाई दिए। अदन, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का अस्थायी मुख्यालय है। इन धमाकों से दहल उठा। मौके पर मौजूद लोगों और स्थानीय निवासियों के मुताबिक, हमले के बाद कई एम्बुलेंस प्रभावित इलाकों की ओर जाती हुई देखी गईं।
हमले के कुछ ही समय बाद, हूती समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी ने समूह के एक सैन्य नेता के हवाले से बताया कि उनका निशाना अदन एयरपोर्ट के पास स्थित बद्र सैन्य शिविर में सऊदी सेना के मुख्यालय और हथियार भंडार थे।
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला उस घटना के एक दिन बाद हुआ, जब अदन स्थित अल-माशिक राष्ट्रपति महल परिसर पर मिसाइल हमला हुआ था। यमन सरकार के अनुसार उस हमले में पांच लोगों की मौत हुई थी और 16 लोग घायल हुए थे।
हूती समूह ने उस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि उसने राष्ट्रपति महल परिसर के अंदर मौजूद 'सऊदी सैन्य अभियान मुख्यालय' को निशाना बनाया था।
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले शुक्रवार को सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि उनकी सेना ने सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र और राजधानी रियाद के ऊपर उड़ रहे तीन ड्रोन मार गिराए। इसके अलावा पूर्वी प्रांत की तरफ भेजे गए एक और ड्रोन को भी नष्ट कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि सेना ने लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलों और सऊदी अरब के लाल सागर तट पर स्थित बंदरगाह शहर यानबू की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी बीच में ही नष्ट कर दिया।
ये लगातार हो रहे हमले ऐसे समय में सामने आए हैं जब हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। सऊदी अरब यमन सरकार का प्रमुख सहयोगी माना जाता है।
गठबंधन सेना ने गुरुवार को कहा था कि एक अक्टूबर से अब तक रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हूती हमलों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 330 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सिर्फ दो हफ्तों में एयरपोर्ट पर 20 बार हमला किया गया।
ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने शुक्रवार को कहा कि अगर दोनों पक्ष चाहें तो ईरान सऊदी अरब और हूती समूह के बीच मतभेद सुलझाने में मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया कि हूती अभियानों में तेहरान की कोई भूमिका है।
यमन साल 2014 के आखिर से संघर्ष की चपेट में है। उस समय हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद सरकार को राजधानी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।