खाड़ी देशों : सामूहिक सुरक्षा मजबूत करना जरूरी

अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शीर्ष अधिकारी ने सऊदी अरब पर हो रहे लगातार हमलों से सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया है। राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने खाड़ी देशों की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सुरक्षा एवं रक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को फिर से सक्रिय करने को जरूरी बताया है।;

By :  IANS
Update: 2026-10-12 11:32 GMT

अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शीर्ष अधिकारी ने सऊदी अरब पर हो रहे लगातार हमलों से सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया है। राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने खाड़ी देशों की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सुरक्षा एवं रक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को फिर से सक्रिय करने को जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब को निशाना बनाना यूएई समेत सभी खाड़ी देशों की सुरक्षा को कमजोर करता है और हालिया हमलों से स्पष्ट हो गया है कि क्षेत्र के सभी देश निशाने पर हैं।

गर्गाश ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, "खाड़ी देशों की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना अब बेहद जरूरी हो गया है। सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में संयुक्त खाड़ी कार्रवाई की उपेक्षा के कारण दूसरे पक्षों को क्षेत्रीय देशों के खिलाफ अपनी कार्रवाई बढ़ाने का मौका मिला है।"

उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों पर हुए हमलों के पीछे हमलावरों की यह गलत धारणा रही कि युद्ध से बचने की कोशिश कर रहे ये देश सबसे कमजोर कड़ी हैं। लेकिन इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र के सभी देश निशाने पर हैं और उनकी सुरक्षा एक-दूसरे से अलग नहीं की जा सकती।

गर्गाश ने कहा, " सऊदी अरब पर हमले का असर केवल उसकी सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे यूएई और खाड़ी के अन्य देशों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।" उन्होंने क्षेत्रीय देशों से साझा सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और रक्षा के क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया।

इस बीच, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की दुनिया भर में निंदा की जा रही है। सब इसे एक सुर में तनाव बढ़ाने वाला खतरनाक कदम बता रहे हैं।

दरअसल, यमन के हूती विद्रोही पिछले कुछ दिनों से सऊदी हवाई अड्डों को निशाना बना रहे हैं। यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार रात सऊदी अरब में रियाद एयरपोर्ट पर हमला किया। इसमें एक भारतीय समेत 13 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए।

हमले के बाद सऊदी सरकार ने रियाद एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन रोक दिया था। हालांकि अगले ही दिन रविवार को हूती ने घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले टर्मिनल पर दोबारा हमला कर दिया। रविवार को एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 और टर्मिनल-4 पर हमला हुआ। यहां से घरेलू उड़ानें संचालित होती हैं।

10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुआ हमला पिछले एक दशक में सऊदी अरब पर सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। इससे पहले मई 2015 में एक सऊदी के कातिफ में एक शिया मस्जिद पर हमला हुआ था जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई थी। इसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।

हूती विद्रोहियों के हमले के बाद रियाद एयरपोर्ट की इंटरनेशनल उड़ानें शनिवार से ही बंद हैं। भारत की विभिन्न एयरलाइंस ने रियाद जाने वाली फ्लाइट्स को 14 या 15 अक्टूबर तक रद्द कर दिया है। विद्रोहियों ने एयरपोर्ट और सऊदी के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी रविवार को जारी कर दी थी।

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