अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में भूकंप
नई दिल्ली, अफगानिस्तान के हिंदुकुश पर्वतीय क्षेत्र में रविवार रात को 5.2 तीव्रता का भूकंप आया। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप 25 अक्टूबर को स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब 11:14 बजे दर्ज किया गया।;
नई दिल्ली, अफगानिस्तान के हिंदुकुश पर्वतीय क्षेत्र में रविवार रात को 5.2 तीव्रता का भूकंप आया। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप 25 अक्टूबर को स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब 11:14 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र जमीन से करीब 110 किलोमीटर की गहराई में था।
यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (ईएमएससी) ने शुरुआती आकलन में भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 5.2 कर दिया गया। तत्काल किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।
अफगानिस्तान पिछले कुछ वर्षों में कई शक्तिशाली भूकंपों की त्रासदी झेल चुका है। हिंदुकुश क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां लगातार दर्ज की जाती रही हैं। मार्च 2026 में भी इसी क्षेत्र में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था। वर्ष 2025 में भी हिंदुकुश क्षेत्र में कई बार धरती कांपी थी।
हालिया बड़ी त्रासदियों में अगस्त 2025 के पूर्वी क्षेत्र का भूकंप शामिल है। 31 अगस्त को 6.0 तीव्रता के भूकंप ने कुनार और नंगरहार प्रांतों में भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में दो हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग घायल हुए। कई गांवों में मकान ढह गए थे। पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हुए थे।
अक्टूबर 2023 में पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में कई शक्तिशाली भूकंप आए थे। 7 अक्टूबर को 6.3 तीव्रता के भूकंप के बाद 11 और 15 अक्टूबर को भी तेज झटके दर्ज किए गए। इन घटनाओं में हजारों लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में घर नष्ट हो गए थे।
जून 2022 में भी भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिका और आसपास के इलाकों में 6.1 तीव्रता के भूकंप ने एक हजार से अधिक लोगों की जान ले ली थी। अक्टूबर 2015 में हिंदुकुश क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके झटके पाकिस्तान और भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए थे।
बार-बार आने वाले भूकंपों के पीछे अफगानिस्तान की भौगोलिक स्थिति एक प्रमुख कारण है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच सक्रिय भूगर्भीय क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेट्स की हलचल से धरती के भीतर ऊर्जा जमा होती है, जो भूकंप के रूप में बाहर निकलती है।