बंगाल में दुर्गापूजा की समितियों को लेकर भाजपा सरकार के बड़े ऐलान, 1 लाख का अनुदान और मुफ्त बिजली

सरकार ने पूजा और विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्सव की भव्यता के साथ अनुशासन और धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखना होगा।;

Update: 2026-09-08 04:52 GMT

कोलकाता: West Bengal Durga Puja: पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने राज्य के सबसे बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव दुर्गापूजा को लेकर कई अहम फैसलों की घोषणा की है। कोलकाता के मिलन मेला प्रांगण में सोमवार शाम हुई समन्वय बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूजा समितियों के लिए एक लाख रुपये के सरकारी अनुदान से लेकर मुफ्त बिजली, दमकल लाइसेंस शुल्क में छूट और पूजा ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त अवकाश देने तक कई बड़े ऐलान किए।

एक लाख रुपये का अनुदान

मुख्यमंत्री ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई पूजा समितियों को वार्षिक आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है। इसके तहत इस वर्ष पंजीकृत पूजा समितियों को एक-एक लाख रुपये का सरकारी अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने बड़े बजट और आर्थिक रूप से सक्षम पूजा आयोजकों से सरकारी सहायता नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुदान लेना पूरी तरह वैकल्पिक होगा और सक्षम समितियों द्वारा इसे छोड़ने पर वह व्यक्तिगत रूप से उनका आभार व्यक्त करेंगे। सरकार का जोर छोटे और सीमित बजट वाले पूजा आयोजकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर रहेगा।

पंडालों में बिजली और दमकल शुल्क माफ

पूजा आयोजकों को एक और बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस बार दुर्गापूजा पंडालों में बिजली इस्तेमाल करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा दमकल विभाग से जरूरी लाइसेंस लेने के लिए भी पूजा समितियों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। जो समितियां सरकारी अनुदान लेना चाहेंगी, उन्हें थाने में आवेदन करना होगा। वहीं, आर्थिक सहायता नहीं लेने वाली समितियों के लिए थाने में आवेदन की बाध्यता नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुदान लेने या नहीं लेने का फैसला किसी राजनीतिक समर्थन या विरोध से जोड़कर नहीं देखा जाएगा।

डीजे पर पूरी तरह रोक, महाअष्टमी पर शराब बिक्री बंद

सरकार ने पूजा और विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्सव की भव्यता के साथ अनुशासन और धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखना होगा। कोजागरी लक्ष्मी पूजा 25 अक्टूबर को होने के कारण 24 अक्टूबर तक सभी प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा करना होगा। पंडाल, प्रतिमा या थीम के जरिए ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा, जिससे धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचे। महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर रोक रहेगी और बार में भी शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी।

इस बार नहीं होगा पूजा कार्निवाल

भाजपा सरकार ने तृणमूल सरकार की परंपरा से अलग इस वर्ष दुर्गापूजा के बाद सरकारी पूजा कार्निवाल आयोजित नहीं करने का फैसला किया है। इसके बजाय महालया के दिन कोलकाता के ईडन गार्डेंस में चार घंटे का भव्य मेगा शो आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ड्रोन और लाइटिंग शो भी होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम में आमंत्रित करने की बात कही है। इसके अलावा कोलकाता में रोड शो, व्यापक ब्रांडिंग और स्वच्छता व रोशनी को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे। दीघा समेत राज्य के छह शहरों में भी दो-दिन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

महालया से पहले पूजा उद्घाटन पर रोक

सरकार ने इस बार महालया से पहले दुर्गापूजा के उद्घाटन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों को बाधित कर पूजा आयोजित करने पर भी रोक होगी। कोलकाता की 13 चिन्हित सड़कों को अवरुद्ध करके पूजा आयोजन नहीं किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूजा की अनुमति के लिए आयोजकों को अदालत का रुख करने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए सरकार ने आसान ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की है।

सर्वश्रेष्ठ पूजा समितियों को मिलेगा शारद सम्मान

राज्य सरकार इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ पूजा आयोजकों को शारद सम्मान भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पुरस्कार के लिए निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाएगी और निर्णायक मंडल में सांस्कृतिक एवं धार्मिक विषयों की जानकारी रखने वाले लोगों को शामिल किया जाएगा। विसर्जन के दौरान क्रेन के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी।

पूजा ड्यूटी करने वालों को दो दिन की अतिरिक्त छुट्टी

सरकार ने पूजा के दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए भी विशेष घोषणा की है। पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य, परिवहन, नगर निकाय, सिविल डिफेंस समेत आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को ड्यूटी पूरी करने के बाद दो दिन का वेतन सहित अतिरिक्त अवकाश मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार के दौरान ये कर्मचारी अपने परिवारों से दूर रहकर सुरक्षा और जरूरी सेवाओं की जिम्मेदारी निभाते हैं। उनके योगदान को देखते हुए अतिरिक्त छुट्टी देने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था को लागू कराने की जिम्मेदारी मुख्य सचिव को सौंपी गई है।

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