ममता सरकार में ‘मां, माटी, मानुष’ तीनों असुरक्षित : अमित शाह
पश्चिम बंगाल में तीन दिवसीय दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के लक्ष्य को स्पष्ट कर दिया है;
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तीन दिवसीय दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के लक्ष्य को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2026 विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाना हमारा लक्ष्य है।
गृह मंत्री शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में ‘मां, माटी, मानुष’ तीनों असुरक्षित हैं। बंगाल में टीएमसी के भ्रष्टाचार, हिंसा, तुष्टीकरण और कुशासन के खिलाफ जनाक्रोश सत्ता परिवर्तन का सबसे बड़ा संकेत है। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए पश्चिम बंगाल के अर्थतंत्र, सुरक्षा तंत्र और संस्कृति पर बोझ हैं, जिन्हें भाजपा सरकार बनते ही चुन-चुनकर निकाला जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कार्यकर्ताओं द्वारा जनसंपर्क ही बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत का आधार बनेगा। 2016–25 के बीच बंगाल में 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया, जिनके त्याग को सार्थक करने का समय आ गया है। ममता दीदी भाजपा कार्यकर्ताओं पर कितना भी कहर बरपा लें, बंगाल में उनका सूपड़ा साफ होने वाला है।
उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर केंद्र में आने वाले 25 सालों तक भाजपा को कोई हिला नहीं सकता। कम्युनिस्ट और फिर टीएमसी सरकारों ने बंगाल को पीछे धकेला, हमारा उद्देश्य ‘सोनार बांग्ला’ बनाना है। पश्चिम बंगाल में घुसपैठ पूरे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है, जिसे टीएमसी ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण अनदेखा किया। घुसपैठियों को रोकना भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं से लेकर कल्याणकारी योजनाओं तक टीएमसी के भ्रष्टाचार के खिलाफ गरीबों और युवाओं में बहुत आक्रोश है।
इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के नेताओं को अगले साल होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों के लिए राज्य की राजधानी कोलकाता और उसके आसपास के चार संगठनात्मक जिलों के अंतर्गत आने वाली 28 विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
गृह मंत्री शाह ने पश्चिम बंगाल के अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन बुधवार को पार्टी नेताओं के साथ हुई बैठक में यह निर्देश जारी किया। भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख नेताओं के अलावा, चारों जिलों के जमीनी स्तर के संगठनात्मक नेताओं को भी बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया था।
शहर के भीतर कोलकाता (दक्षिण) और कोलकाता (उत्तर), दक्षिण 24 परगना में जादवपुर और उत्तर 24 परगना में दमदम—ये चार संगठनात्मक जिले हैं। संयोगवश, ये चारों संगठनात्मक जिले चार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के अनुरूप भी हैं।