टीएमसी को लेकर एनडीए नेताओं का तंज, बोले- विधायक पार्टी छोड़कर जाने लगे

टीएमसी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब बीते दिन 3 जून को ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता मान लिया गया। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बड़े उलटफेर को लेकर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है।;

Update: 2026-06-04 08:14 GMT

नई दिल्ली। टीएमसी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब बीते दिन 3 जून को ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता मान लिया गया। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बड़े उलटफेर को लेकर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि टीएमसी सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी नहीं थी। आरोप है कि यह भ्रष्टाचार, शोषण और सत्ता के दुरुपयोग में लिप्त एक समूह बन गई थी। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार की ओर से सिर्फ इस राजनीतिक पार्टी को नियंत्रित किया बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों के खिलाफ काम किया और सिर्फ अपना ही फायदा किया गया।

दिनेश शर्मा ने कहा कि टीएमसी में असंतोष व्यवस्था के खिलाफ है। जो व्यवस्था बंगाल में जंगलराज, घुसपैठ और महिलाओं के उत्पीड़न के लिए असंतोष है। अभिषेक बनर्जी ने जैसा किया है, वैसा ही हो रहा है। अभिषेक अपनी पार्टी से अलग-थलग पड़े हुए हैं। उन पर किए गए हमले के बाद दो लोग भी समर्थन में नहीं आए।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि टीएमसी में जो तानाशाही, हिटलर जैसा रवैया और गुंडागर्दी हावी रही है, उससे तंग आकर लोग टीएमसी से अलग हो गए हैं। यहां तक कि वोटर भी उनसे दूर हो गए हैं। अब जब भाजपा की सरकार आ गई है, तो वहां के नेता टीएमसी के साथ नहीं रहना चाहते। वे राज्य में बदलाव चाहते हैं, इसलिए वे टीएमसी छोड़कर अपना एक अलग गुट बना रहे हैं।

जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि ममता दीदी ने कहा कि जो कोई भी पार्टी में रहना चाहता है, वह रह सकता है और जो नहीं रहना चाहता, वह जा सकता है। यह अहंकार है। इसी अहंकार के चलते टीएमसी के मेयर और अब तो विधायक भी पार्टी छोड़कर जाने लगे। एक दिन ऐसा भी आ सकता है, जब उनके दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारी और यहां तक कि उनके घर पर काम करने वाले लोग भी यह कहते हुए भाग खड़े हों कि वे अब उनके दफ्तर या पार्टी के लिए काम नहीं करना चाहते।

वहीं, भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने कहा कि टीएमसी के अंदर चल रही उथल-पुथल पश्चिम बंगाल में चल रही एक वेब सीरीज से ज्यादा कुछ नहीं है। हर एक स्थिति, हर एक घटना प्याज के छिलके की तरह सामने आ रही है, जो हर दिन एक नई कहानी बयां कर रही है। अब हमें सुनने में आ रहा है कि कोलकाता के सबसे ताकतवर नेता अब इस पूरे समीकरण से बाहर निकलने वाले हैं।


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