एक्शन में शुभेंदु सरकार: 7वां वेतन आयोग, महिलाओं को हर महीने 3000, फ्री बस यात्रा... जानें कैबिनेट के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही महिलाओं के लिए नई आर्थिक सहायता योजना और मुफ्त बस यात्रा की घोषणा भी की गई है।;
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं और सामाजिक योजनाओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई दूसरी कैबिनेट बैठक में सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही महिलाओं के लिए नई आर्थिक सहायता योजना और मुफ्त बस यात्रा की घोषणा भी की गई है। हालांकि, सरकार ने कुछ धार्मिक अनुदान योजनाओं को बंद करने का फैसला भी लिया है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
लागू होगा सातवां वेतन आयोग
राज्य सरकार के इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से कर्मचारी संगठन सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग कर रहे थे। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है। सरकारी नियमों के अनुसार हर 10 साल में वेतन संरचना में बदलाव किया जाता है। ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतनमान के लागू होने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि, सरकार ने फिलहाल लंबित महंगाई भत्ते (DA) पर कोई फैसला नहीं लिया है। इसी कारण कर्मचारी संगठनों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ का ऐलान
राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ शुरू करने का फैसला लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि इस योजना के तहत 1 जून से पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, जिन महिलाओं को पहले से लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। उनका नाम स्वतः नई योजना में शामिल किया जाएगा। वहीं, जो महिलाएं अभी तक किसी सरकारी सहायता योजना से नहीं जुड़ी हैं, उनके लिए जल्द ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक मदद मिलेगी और उनकी सामाजिक भागीदारी भी बढ़ेगी।
महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा
कैबिनेट बैठक में एक और अहम फैसला लेते हुए राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा की। यह सुविधा भी 1 जून से लागू होगी। सरकार का कहना है कि इससे कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को राहत मिलेगी। मंत्रियों के अनुसार, महिलाओं की आवाजाही आसान बनाने और उन्हें आर्थिक बोझ से राहत देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। राज्य परिवहन विभाग को योजना लागू करने के लिए जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
धार्मिक अनुदान योजनाएं बंद करने का फैसला
सरकार ने कैबिनेट के फैसले के तहत विभिन्न धार्मिक अनुग्रह अनुदानों (Ex-Gratia) को रोकने का भी निर्णय लिया है। सूचना एवं संस्कृति विभाग और अल्पसंख्यक मामलों से जुड़ी कई आर्थिक सहायता योजनाओं को अगले महीने से बंद किया जाएगा। इस फैसले के बाद इमामों और मोअज्जिमों को मिलने वाला मासिक भत्ता भी बंद हो जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान महीने तक भत्ता जारी रहेगा, लेकिन अगले महीने से इसका भुगतान नहीं किया जाएगा। इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे वित्तीय संतुलन की दिशा में कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ी योजनाओं को समाप्त करने का मामला बता रहा है।
ओबीसी सूची की होगी दोबारा समीक्षा
राज्य सरकार ने पिछली सरकार द्वारा वर्ष 2011 में तैयार की गई ओबीसी सूची की भी समीक्षा कराने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि सूची की वैधता और मानकों की दोबारा जांच की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, नए सामाजिक और कानूनी मानकों के आधार पर सूची का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इससे भविष्य में आरक्षण और सामाजिक योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।