वाराणसी में CBI का बड़ा एक्शन, चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में एक और आरोपी अरेस्ट; पूछताछ जारी

चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ, जिसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई।;

Update: 2026-05-20 06:00 GMT

वाराणसी/कोलकाता : पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने मामले के पांचवें आरोपी विनय राय उर्फ पमपम को वाराणसी से गिरफ्तार किया है। विनय राय पर हत्या में शामिल शूटरों को संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराने का आरोप है। CBI ने उसे वाराणसी पुलिस लाइन के पास से हिरासत में लिया और बाद में अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले गई। यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा में है, क्योंकि मृतक चंद्रनाथ रथ विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक बताए जा रहे हैं। हत्या के बाद से ही CBI और बंगाल STF लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।

छह मई को हुई थी चंद्रनाथ रथ की हत्या 

चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ, जिसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई। जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बलिया निवासी राज सिंह, राजकुमार सिंह तथा बिहार के बक्सर जिले के मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य शामिल हैं। अब विनय राय की गिरफ्तारी को जांच में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

वाराणसी से दबोचा गया आरोपी

CBI सूत्रों के मुताबिक, विनय राय को मंगलवार शाम करीब चार बजे वाराणसी पुलिस लाइन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान गाजीपुर जिले के जमनिया थाना क्षेत्र के देवरिया गांव निवासी विनय राय उर्फ पमपम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विनय राय का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह लंबे समय से आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और पूर्वांचल क्षेत्र में उसका प्रभाव था।

शूटरों को संसाधन उपलब्ध कराने का आरोप

CBI जांच में सामने आया है कि विनय राय ने हत्या में शामिल शूटरों को धनबाद इलाके में ठहरने, भागने और अन्य संसाधनों की व्यवस्था में मदद की थी। एजेंसी को शक है कि हत्या की पूरी साजिश में उसकी भूमिका सिर्फ सहयोगी की नहीं बल्कि सक्रिय योजनाकार की भी हो सकती है। पूछताछ के दौरान एक और कथित शूटर “मुनमुन” का नाम भी सामने आया है। अब जांच एजेंसियां उसकी तलाश में भी जुट गई हैं।

राजकुमार सिंह के फोन से मिला सुराग

CBI को विनय राय तक पहुंचने में सबसे बड़ा सुराग गिरफ्तार आरोपी राजकुमार सिंह से मिला। राजकुमार सिंह को इससे पहले मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया था और जांच एजेंसी उसे इस हत्याकांड का मुख्य शूटर मान रही है। सूत्रों के अनुसार, राजकुमार के मोबाइल फोन की जांच में विनय राय से लगातार संपर्क के प्रमाण मिले। कॉल रिकॉर्ड और चैट डिटेल्स के आधार पर यह पता चला कि हत्या से पहले और बाद में दोनों के बीच लगातार बातचीत हुई थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों की व्यवस्था और घटना के बाद भागने के रास्ते को तय करने में दोनों ने मिलकर काम किया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूर्वांचल के कई जिलों में फैला इनका नेटवर्क इस हत्याकांड में इस्तेमाल हुआ।

गाजीपुर-बलिया और बिहार तक फैला नेटवर्क

CBI अब पूर्वांचल के अपराध जगत से जुड़े कई लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी को शक है कि गाजीपुर, बलिया और बिहार के बक्सर जिले में सक्रिय अपराधियों का एक संगठित नेटवर्क इस हत्या में शामिल हो सकता है। विनय राय और राजकुमार सिंह के आपसी संबंधों की भी गहराई से जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कहां रची गई और किस स्तर पर इसकी योजना बनाई गई थी।

राज सिंह की भूमिका पर भी जांच जारी

इस मामले में गिरफ्तार बलिया निवासी राज सिंह की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक, उसकी गिरफ्तारी फोटो पहचान के आधार पर हुई थी। हालांकि उसके परिवार ने उसकी बेगुनाही का दावा किया है। परिवार की ओर से CBI को कुछ सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेज सौंपे गए हैं, जिनके आधार पर जांच एजेंसी अब उसकी भूमिका की दोबारा पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर आरोपी के खिलाफ सबूतों की विस्तार से जांच की जा रही है।

स्थानीय नेटवर्क की तलाश में छापेमारी

CBI और बंगाल STF की टीमें अब विनय राय के करीबी सहयोगियों और नेटवर्क की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। खासतौर पर गाजीपुर निवासी संजय राय की तलाश तेज कर दी गई है, जिसे आरोपी का करीबी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या के लिए इस्तेमाल हथियार कहां से आए और घटना के बाद आरोपियों ने किन रास्तों का इस्तेमाल किया।

कोलकाता में होगी अगली पेशी

गिरफ्तारी के बाद विनय राय को वाराणसी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर CBI को सौंप दिया गया। अब उसे कोलकाता ले जाया गया है, जहां 21 मई को अदालत में पेश किया जाएगा। CBI को उम्मीद है कि विनय राय से पूछताछ में इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के पीछे की साजिश और शामिल लोगों को लेकर कई अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल एजेंसी पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।

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