'हर बात मानने के लिए वह इतने बड़े आदमी नहीं,' इस्लामिक विद्वान हाजी के बयान बोले हुमायूं कबीर
गोवंश की कुर्बानी को लेकर दिए गए बयान पर जारी विवाद के बीच हुमायूं कबीर ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों और इस्लामिक विद्वान हाजी द्वारा गिरफ्तारी की मांग पर प्रतिक्रिया दी;
मुर्शिदाबाद। गोवंश की कुर्बानी को लेकर दिए गए बयान पर जारी विवाद के बीच हुमायूं कबीर ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों और इस्लामिक विद्वान हाजी द्वारा गिरफ्तारी की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बयान से उन्हें फर्क नहीं पड़ता और वह अपने अधिकारों को लेकर अपनी बात रखते रहेंगे। हुमायूं कबीर का कहना है कि इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया जा रहा है।
दरअसल, इस्लामिक विद्वान हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी ने हुमायूं कबीर द्वारा बकरीद पर गोवंश की ही कुर्बानी देने के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि जो लोग इस तरह कानून के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें पकड़कर जेल में डाल देना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व तृणमूल नेता व विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान इस्लामिक विद्वान हाजी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वह कौन है? मुझे उसकी टिप्पणी का जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है। वह आदमी चाहे जो भी हो, एक मुसलमान के तौर पर मेरे जो भी अधिकार हैं, संविधान ने मुझे अपने धर्म का पालन करने की अनुमति दी है। मैं उस अनुमति का इस्तेमाल करने के लिए हर संभव प्रयास करता रहूंगा। मेरे बारे में बोलने वाला वह कौन होता है? वह इतना बड़ा आदमी नहीं है कि मुझे उसकी हर बात माननी पड़े।"
हुमायूं कबीर ने कहा कि बकरीद की छुट्टी को लेकर भी बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक दिन का मामला होता है और सरकार जिस दिन छुट्टी घोषित करेगी, वही मान्य होगा। उन्होंने कहा, "मेरे लिए 28 तारीख को कुर्बानी है, अगर उस दिन छुट्टी रहेगी तो ठीक है। अगर सरकार आगे-पीछे छुट्टी देती है तो भी कोई दिक्कत नहीं है। अगर छुट्टी नहीं भी मिले तो उससे भी कोई बड़ी समस्या नहीं होगी।"