पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत के तहत हुआ पहला रजिस्ट्रेशन, कैशलेस इलाज का खुला नया रास्ता
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले मरीज का रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया। बांकरा जिले के कोतुलपुर स्थित मेडिकेयर जनरल अस्पताल में योजना के तहत पहली मरीज पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हुई;
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले मरीज का रजिस्ट्रेशन रविवार को सफलतापूर्वक पूरा हो गया। बांकरा जिले के कोतुलपुर स्थित मेडिकेयर जनरल अस्पताल में योजना के तहत पहली मरीज पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हुई। इसके साथ ही राज्य में लोगों के लिए कैशलेस और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के एक नए दौर की शुरुआत हुई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, यह पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में आयुष्मान भारत योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद अब आर्थिक स्थिति के कारण लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से वंचित नहीं होना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना वाली आयुष्मान भारत योजना के जरिए पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए विश्वस्तरीय और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का नया क्षितिज खुला है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक बाधाएं किसी व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण इलाज हासिल करने से न रोकें।
इससे पहले रविवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल मौजूद थीं।
आयुष्मान भारत के तहत राज्य में अब 1,950 तरह की बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा लाभार्थियों को घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) की सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान स्वास्थ्य बीमा योजना में करीब 1,700 बीमारियों के इलाज की सुविधा थी, जिसे अब बढ़ाकर 1,950 किया गया है। उन्होंने कहा कि नी रिप्लेसमेंट की सुविधा आयुष्मान भारत के साथ-साथ राज्य की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में भी उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य के करीब 1.43 करोड़ परिवारों, यानी लगभग 6 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। वहीं, 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक राज्य निवासी को भी योजना के तहत लाभ मिलेगा।
जो लोग केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में नहीं आते, उनके लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना भी शुरू की है। इससे करीब 80 लाख राज्यवासियों को लाभ मिलने का दावा किया गया है। दोनों योजनाओं के तहत देशभर के 38,604 अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सस्ती दवाइयां एवं चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 'अमृत फार्मेसी' शुरू करने की भी पहल की है। इसके तहत राज्य के 10 सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बिक्री केंद्र खोले जाएंगे, जहां दवाइयां 50 से 80 फीसदी तक की छूट पर मिलेंगी।
इस संबंध में राज्य सरकार ने हिंदुस्तान लाइफकेयर लिमिटेड के तकनीकी निदेशक (ऑपरेशंस) बेनी जोसेफ के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में 2018 में आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी, लेकिन पश्चिम बंगाल में पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान इसे लागू नहीं किया गया था।
अब राज्य में आयुष्मान भारत के लागू होने के साथ केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के जरिए लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने की व्यवस्था शुरू हुई है। योजना के तहत बांकरा के कोतुलपुर में पहले मरीज का रजिस्ट्रेशन इस नई व्यवस्था के जमीन पर उतरने का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है।