ममता बनर्जी की गैरमौजूदगी में उनके घर पर सीआईडी का पहुंचना दुर्भाग्यपूर्ण : कुणाल घोष
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर सीआईडी ने लगभग दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया;
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर सीआईडी ने मंगलवार को लगभग दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
कुणाल घोष ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीआईडी उस समय ममता बनर्जी के घर पहुंची, जब वह कोलकाता में मौजूद ही नहीं थी।
उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी इस समय दिल्ली दौरे पर हैं और उनके कार्यक्रम की जानकारी पहले से सार्वजनिक थी। जब तक ममता बनर्जी कोलकाता में अपने घर पर थीं, तब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन उनके दिल्ली जाने के बाद अचानक इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है।
कुणाल घोष ने कहा कि इसे प्रशासन का कोई साहसिक कदम नहीं कहा जा सकता। जब ममता बनर्जी घर पर ही नहीं हैं, तब उनके आवास पर इस तरह की गतिविधियां करना उचित नहीं है और इससे गलत संदेश जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सीआईडी वहां क्या कर रही है। कुणाल घोष ने कहा कि जब जांच एजेंसियां उनके पास आई थीं, तब उन्होंने पूरा सहयोग किया था क्योंकि वह कानून का सम्मान करने वाली नागरिक हैं। लेकिन इस मामले में उन्हें लगता है कि जांच से ज्यादा डर और नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
टीएमसी विधायक ने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है मानो यह दिखाने की कोशिश हो कि देखिए, हम ममता बनर्जी के घर तक पुलिस भेज सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इससे कुछ हासिल नहीं होगा, क्योंकि 'ममता दीदी बंगाल की शेरनी हैं' और इस तरह के कदमों से उन्हें डराया नहीं जा सकता।
कुणाल घोष ने बताया कि वह किसी अन्य काम से पिछले रात यहां आए थे और उसी सिलसिले में फॉलो-अप के लिए दोबारा पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें ममता बनर्जी के आवास पर सीआईडी के पहुंचने की जानकारी मिली। सूचना मिलने के बाद उनके सामने दो विकल्प थे। या तो वह अपनी गाड़ी मोड़कर वापस चले जाते या फिर मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेते। उन्होंने दूसरा विकल्प चुना और वहां पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।