उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, 1 फरवरी को नहीं लगेगा कैंप
उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है
संत रविदास जयंती पर विशेष अभियान दिवस स्थगित, निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला
- एसआईआर कार्यक्रम में तेजी, त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने पर जोर
- सीईओ नवदीप रिणवा ने दिए निर्देश, हर पात्र नागरिक को सूची में शामिल करने की अपील
- 6 फरवरी तक दावे-आपत्तियां दर्ज करें, पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची का लक्ष्य
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है।
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रस्तावित विशेष अभियान दिवसों में आंशिक संशोधन किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान पहले से निर्धारित विशेष अभियान दिवस रविवार 18 जनवरी के अतिरिक्त 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाने के निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए थे। हालांकि, 1 फरवरी को संत रविदास जयंती होने के कारण उस दिन विशेष अभियान दिवस आयोजित नहीं किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय आवश्यकता और सुविधा के अनुसार अपने स्तर से एक अतिरिक्त विशेष अभियान दिवस आयोजित कर सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
विशेष अभियान के दौरान निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारी मंडलायुक्त/रोल ऑब्जर्वर, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहकर अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करेंगे।
इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारी भी विभिन्न जनपदों का दौरा कर कार्यक्रम की निगरानी करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि आलेख्य मतदाता सूची में दिखाई दे रही त्रुटियों को जमीनी स्तर पर पहचानकर तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मतदाताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके निवारण के लिए सही व व्यावहारिक मार्गदर्शन दें।
नवदीप रिणवा ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम का मूल उद्देश्य मतदाता सूची को अधिकतम शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत करने की बुनियाद है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने संबंधित बूथ की मतदाता सूची में अपना नाम अनिवार्य रूप से जांच लें। यदि नाम दर्ज न हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो तो फॉर्म-6, 7 अथवा 8 के माध्यम से 6 फरवरी तक ऑनलाइन या ऑफलाइन दावे एवं आपत्तियां दर्ज करें, ताकि मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी, शुद्ध और विश्वसनीय बनाया जा सके।