प्रयागराज: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) परीक्षा-2024 का अंतिम परिणाम रविवार देर रात घोषित कर दिया। करीब एक साल तीन महीने सात दिन लंबी चयन प्रक्रिया के बाद जारी इस रिजल्ट में नेहा पांचाल ने पहला स्थान हासिल किया है। दूसरे स्थान पर अनन्या त्रिवेदी और तीसरे स्थान पर अभय प्रताप सिंह रहे। इस बार कुल 947 पदों के मुकाबले 932 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है, जबकि 15 पद उपयुक्त उम्मीदवार न मिलने के कारण रिक्त रह गए।
महिलाओं का शानदार प्रदर्शन
PCS-2024 के परिणाम की सबसे बड़ी खासियत महिलाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा।
टॉप-10 में 6 महिलाएं और 4 पुरुष
टॉप-20 में 13 महिलाएं और 7 पुरुष
यह आंकड़े पिछले वर्ष के मुकाबले पूरी तरह उलट हैं। PCS-2023 में जहां टॉप-10 में 8 पुरुष और सिर्फ 2 महिलाएं थीं, वहीं इस बार महिला अभ्यर्थियों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेषज्ञ इसे बदलते सामाजिक परिदृश्य और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत मान रहे हैं।
कौन हैं यूपी पीसीएस टॉपर नेहा पांचाल
नेहा पांचाल के इस परिणाम ने उन सभी महिलाओं के लिए एक मिसाल पेश की है जो शादी और बच्चों के बाद अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं। बता दें नेहा मूलरूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा श्री मोतीराम मेमोरियल गर्ल सीनियर सेकेंड्री स्कूल से किया है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामलाल कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की। ऐसे में यहां आपके लिए यूपी पीसीएस 2024 की परीक्षा में टॉप करने वाली नेहा पांचाल के सफलता की कहानी लेकर आए हैं। नेहा पांचाल ने यूपीएससी के एक मॉक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने साल 2018 से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। उन्हें चौथे प्रयास में सफलता मिली है। इस दौरान साल 2023 में उन्होंने यूपीएससी का इंटरव्यू भी दिया था। साथ ही इस दौरान उन्होंने पालिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल की थी।
कौन हैं अनन्या त्रिवेदी
रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी अपने पहले ही प्रयास में SDM बन गईं। उनके अनुसार, वह हर दिन छह घंटे पढ़ाई करती थीं। अनन्या के पिता सुशील त्रिवेदी एक किराने की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां रेखा रानी एक सरकारी शिक्षिका हैं। उनके मामा राजेश कुमार पांडे कानपुर देहात में एडिशनल एसपी हैं। अनन्या ने अपनी शुरुआती शिक्षा रायबरेली से पूरी की। उन्होंने 2019 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से समाजशास्त्र (Sociology) ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरा किया। इसी दौरान उन्होंने NET परीक्षा भी पास कर ली।
लंबी चयन प्रक्रिया के बाद आया परिणाम
PCS-2024 की चयन प्रक्रिया काफी लंबी और बहु-स्तरीय रही।
प्रारंभिक परीक्षा: 22 दिसंबर 2024
75 जिलों में 1331 केंद्र
5.76 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया
मुख्य परीक्षा का परिणाम: 4 फरवरी 2026
साक्षात्कार: 26 फरवरी से 23 मार्च 2026
कुल 2719 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया
21 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, इस पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम परिणाम 29 मार्च 2026 को घोषित किया गया।
रिक्त पदों पर नहीं मिल सके योग्य अभ्यर्थी
इस भर्ती में कुल 947 पदों को भरा जाना था, लेकिन 15 पद खाली रह गए। इनमें व्यवस्थाधिकारी का 1 पद, व्यवस्थापक के 14 पद शामिल हैं।
आयोग के अनुसार इन पदों के लिए उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिल सके, इसलिए इन्हें रिक्त रखा गया है।
भर्ती प्रक्रिया का ढांचा
PCS-2024 में पदों के चयन का तरीका भी महत्वपूर्ण रहा। 60 पदों पर चयन केवल लिखित परीक्षा के आधार पर किया गया 887 पदों के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों को आधार बनाया गया इन्हीं 887 पदों के लिए साक्षात्कार आयोजित किए गए, जो चयन प्रक्रिया का अंतिम चरण था।
तेजी से घोषित हुआ अंतिम परिणाम
इस बार UPPSC ने साक्षात्कार समाप्त होने के मात्र 9 दिन बाद ही अंतिम परिणाम घोषित कर दिया, जिसे प्रशासनिक दक्षता के रूप में देखा जा रहा है। आयोग के सचिव अशोक कुमार ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों की संस्तुतियां जल्द ही राज्य सरकार को भेजी जाएंगी।
कटऑफ और अंक जल्द होंगे जारी
आयोग ने यह भी जानकारी दी है कि जल्द ही अभ्यर्थियों के प्राप्तांक, पदवार कटऑफ, श्रेणीवार कटऑफ अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। इससे अभ्यर्थियों को अपने प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।
बदलती तस्वीर का संकेत
PCS-2024 का परिणाम कई मायनों में खास रहा। एक ओर जहां नेहा पांचाल ने टॉप कर नई मिसाल कायम की, वहीं महिलाओं का बढ़ता वर्चस्व इस परीक्षा की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। लंबी और कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद घोषित यह परिणाम न केवल सफल अभ्यर्थियों के लिए नई शुरुआत है, बल्कि भविष्य के प्रतियोगियों के लिए प्रेरणा भी है।