गाजियाबाद में पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या, गोल्ड मेडल जीतकर लौटे खिलाड़ी का शव साईं उपवन में मिला

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को चिराग का लहूलुहान शव मिला। शुरुआती जांच में चिकित्सकों ने करंट लगने से मौत की आशंका जताई, लेकिन बाद में शव पर गोली लगने और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए।;

Update: 2026-05-31 05:29 GMT

गाजियाबाद। Chirag Tyagi Murdered in Ghaziabad: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके 25 वर्षीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की गाजियाबाद में हत्या ने खेल जगत को झकझोर दिया है। हाल ही में बेंगलुरू में आयोजित आठवीं इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीतकर लौटे चिराग का शव शनिवार को साईं उपवन क्षेत्र में मिला। पुलिस जांच में हत्या की आशंका सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।

शव मिलने के बाद खुला हत्या का मामला

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को चिराग का लहूलुहान शव मिला। शुरुआती जांच में चिकित्सकों ने करंट लगने से मौत की आशंका जताई, लेकिन बाद में शव पर गोली लगने और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। पुलिस के अनुसार, चिराग की पीठ में गोली मारी गई थी और पहचान छिपाने के उद्देश्य से उनका चेहरा बुरी तरह कुचल दिया गया था। घटनास्थल से उनका बैग और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जबकि दूसरा मोबाइल गायब था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

साथी पैरा एथलीट हिरासत में

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साथी पैरा एथलीट यश खटीक को हिरासत में लिया है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों खिलाड़ी ब्लाइंड श्रेणी की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ समय पहले एक प्रतियोगिता के दौरान दस्तावेज सत्यापन के समय चिराग ने यश के खिलाफ शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद यश का क्वालिफिकेशन रद्द हो गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार की तलाश कर रही है।

घर में जश्न की तैयारी, लेकिन पहुंची मौत की खबर

चिराग के परिवार में उनके लौटने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। परिवार और गांव के लोग उनके स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। स्वर्ण पदक जीतने और आगामी एशियाई प्रतियोगिताओं के लिए चयन होने के कारण इस बार जश्न और भी बड़ा होने वाला था। चिराग के चाचा ने बताया कि जब भी वह किसी प्रतियोगिता से पदक जीतकर लौटते थे, परिवार के लोग केक काटकर उनका स्वागत करते थे। रिश्तेदार भी घर पहुंच रहे थे, लेकिन इसी बीच हत्या की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। उनकी मां निशा देवी और 70 वर्षीय दादी शीला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

संघर्ष से बनी थी चिराग की पहचान

चिराग त्यागी मुरादनगर के वसंतपुर सैथली गांव के निवासी थे। उन्हें बचपन से ही देखने में दिक्कत थी, लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।उनके चचेरे भाई अंकुर त्यागी के अनुसार, दो वर्ष पहले अभ्यास के दौरान एक गंभीर दुर्घटना में उनके पैर में चोट लग गई थी। भारी वजन के साथ स्क्वाट करते समय फिसलने से उन्हें लंबे समय तक उपचार कराना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत के बाद ट्रैक पर वापसी की। वापसी के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की।

एशियन पैरा गेम्स के लिए बड़ी उम्मीद

पैरा पावरलिफ्टिंग चेयरमैन जीपी सिंह ने चिराग की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चिराग देश के सबसे प्रतिभाशाली पैरा एथलीटों में से एक थे और भविष्य में भारत के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते थे। टी-12 दृष्टिबाधित श्रेणी में उनकी रैंकिंग लगातार बेहतर हो रही थी। हाल ही में बेंगलुरू में उन्होंने 400 मीटर दौड़ 49.69 सेकंड में पूरी की थी। खेल जगत के कई लोगों का मानना था कि वह आगामी एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदक जीत सकते थे।

महिला मित्र के फोन से हुई पहचान

चिराग की पहचान एक महिला मित्र के फोन कॉल के जरिए हुई। पुलिस के अनुसार, इंदौर निवासी युवती शनिवार सुबह गाजियाबाद पहुंची थी। उसने बताया कि सुबह उसकी चिराग से बात हुई थी, लेकिन बाद में संपर्क नहीं हो पाया। वह लगातार फोन कर रही थी। जब पुलिस को घटनास्थल पर चिराग का मोबाइल मिला, उसी दौरान युवती का कॉल आया। पुलिस ने फोन उठाकर उसे घटना की जानकारी दी। पूछताछ में युवती ने बताया कि उसकी और चिराग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी और दोनों नियमित रूप से बातचीत करते थे। वह प्रतियोगिता के दौरान उनसे मिलने बेंगलुरू भी गई थी और दोनों ने गाजियाबाद में मिलने की योजना बनाई थी।

पुलिस जांच जारी

जांच में पता चला है कि बेंगलुरू से दिल्ली आने के बाद चिराग मेट्रो से शहीद स्थल स्टेशन पहुंचे थे। वहां से वह एक परिचित के साथ साईं उपवन क्षेत्र की ओर गए। पुलिस को घटनास्थल पर संघर्ष के संकेत भी मिले हैं, जिससे आशंका है कि हत्या से पहले हाथापाई हुई थी। पुलिस ने चिराग के पिता मनोज त्यागी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, देश के एक उभरते पैरा एथलीट की असमय मौत ने खेल जगत और उनके समर्थकों को गहरे शोक में डाल दिया है।

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