नोएडा इंजीनियर की मौत: सीएम योगी के निर्देश पर एसआईटी का गठन, अथॉरिटी के सीईओ हटाए गए

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई है

Update: 2026-01-19 17:45 GMT

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। वहीं, नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम लोकेश को हटा दिया गया है।

सीएम के निर्देश पर घटना की जांच के लिए एडीजी जोन मेरठ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट मांगी है। हालांकि नोएडा अथॉरिटी ने जेई को सस्पेंड कर दिया है। अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। संबंधित बिल्डर पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू हो गई है।

नोएडा में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अहम तथ्य उजागर हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मौत दम घुटने से हुई है। इसके साथ ही रिपोर्ट में हार्ट फेलियर/कार्डियक अरेस्ट को भी मौत का कारण बताया गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि युवराज की जान कार्डियक अरेस्ट के चलते गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात की है जब नोएडा में कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। जिस बेसमेंट में युवराज की कार गिर गई थी, वहां पानी भरा हुआ था और वह पानी बर्फ की तरह ठंडा बताया जा रहा है। हादसे के बाद युवराज काफी देर तक ठंडे पानी में भीगा रहा।

बताया जा रहा है कि वह लगभग दो घंटे तक पानी के बीच फंसी अपनी कार पर खड़ा रहकर मदद का इंतजार करता रहा। इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक ठंडे पानी के संपर्क में रहने, अत्यधिक ठंड और मानसिक तनाव के कारण युवराज की तबीयत बिगड़ गई।

आशंका जताई जा रही है कि मदद में हो रही देरी से वह घबराहट का शिकार हो गया और इसी घबराहट के बीच उसे कार्डियक अरेस्ट आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दम घुटने और हार्ट फेलियर दोनों कारण दर्ज किए गए हैं।

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