मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई: ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त नशा फैक्ट्रियां पकड़ीं, 45 करोड़ का नशीला पदार्थ बरामद

मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो ने ग्रेटर नोएडा में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गुप्त कारखानों का भंडाफोड़ किया है। ब्यूरो ने इस अभियान को नाम दिया है - अभियान स्फटिक शिका;

Update: 2026-10-17 15:46 GMT

नई दिल्ली (देशबन्धु)। मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो ने ग्रेटर नोएडा में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गुप्त कारखानों का भंडाफोड़ किया है। ब्यूरो ने इस अभियान को नाम दिया है - अभियान स्फटिक शिकार।

यह कार्रवाई 16 अक्टूबर को गौतम बुद्ध नगर के गांव जहानाबाद कादलपुर में की गई। दोनों कारखाने किराए के मकानों में चल रहे थे, जहां कृत्रिम नशा बनाया जा रहा था।

56 किलो तैयार नशा बन सकता था, कीमत 45 करोड़

ब्यूरो के अनुसार मौके पर भारी मात्रा में मादक पदार्थ मिला है -

  • 4.260 किलो स्फटिक रूप में
  • 157.700 किलो अर्ध-स्फटिक रूप में
  • 217.780 किलो तरल रूप में
  • कुल मिलाकर 379.740 किलो नशा युक्त सामग्री
  • इसके अलावा 10 किलो छद्म-एफेड्रिन
  • जांच अधिकारियों का कहना है कि इस बरामद माल से लगभग 56 किलो तैयार स्फटिक नशा बनाया जा सकता था, जिसकी गैर-कानूनी बाजार में कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है।

मौके से नशा बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई रसायन जैसे नमक का तेजाब, एसीटोन, टोल्यूनि, गंधक का तेजाब, लाल दवा आदि के साथ-साथ गर्म करने वाली भट्टियां, कांच के बड़े बर्तन, रसायन के ड्रम, छानने वाली मशीनें और अन्य प्रयोगशाला उपकरण भी बरामद हुए हैं।

दो आरोपी गिरफ्तार, एक ने नाम बदलकर भारत में प्रवेश किया

इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है -


  1. डेस्टिनी अब्राहम डुम्बिरी - इसने खुद को नाइजीरियाई बताया था। जांच में पता चला कि यह जनवरी 2020 में सिएरा लियोन के नागरिक फ्रांसिस कालोकोह के नाम से पर्यटक वीजा पर भारत आया था और वीजा खत्म होने के बाद भी यहीं रुक गया। ब्यूरो ने कहा कि तस्कर अक्सर कई नामों का इस्तेमाल कर जांच एजेंसियों को गुमराह करते हैं।
  2. लल्लावमजुआली उर्फ ओलिविया लालचाविमावी - मिजोरम की रहने वाली है। इसे इसी साल मार्च 2026 में राजस्व खुफिया निदेशालय गोवा ने डाबोलिम हवाई अड्डे पर 313 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था और वह फिलहाल जमानत पर थी।

मैक्सिको के नशा गिरोह से जुड़ाव की भी जांच

ब्यूरो ने बताया कि अक्टूबर 2024 में भी ग्रेटर नोएडा के कसना औद्योगिक क्षेत्र में एक ऐसी ही प्रयोगशाला पकड़ी गई थी, जहां से 95.5 किलो कृत्रिम नशा मिला था। उस जांच में मैक्सिको के नशा गिरोह से जुड़ाव सामने आया था और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

फिलहाल ब्यूरो इस गिरोह के पैसों, रसायन खरीद और आपूर्ति के जाल की जांच कर रही है ताकि इसके पीछे के बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

ब्यूरो ने कहा कि ऐसी गुप्त प्रयोगशालाएं किराए के मकानों या औद्योगिक क्षेत्रों में छिपी हो सकती हैं। इनसे निकलने वाला रासायनिक कचरा जमीन और पानी को गंदा करता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा है।

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