लखनऊ में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, सीएम से मुलाकात और आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग

68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को लागू करने और ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने नारे लगाए और उपमुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की।;

Update: 2026-09-12 06:23 GMT

लखनऊ। 68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को लागू करने और ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने नारे लगाए और उपमुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए एक अभ्यर्थी अजय कुमार ने कहा, "हमारी मांग है कि हमें मुख्यमंत्री से बात करने की इजाजत दी जाए और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी आदेश को लागू किया जाए। हमें नियुक्ति पत्र भी दिया जाना चाहिए। ये हमारी मांगें हैं। हम लोग 8 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से लगातार यही मांग की जा रही है कि आरक्षण में हुई विसंगति को लेकर आयोग की ओर से जारी आदेश को माना जाए और हमको अधिकार दिया जाए।"

आईएएनएस से बातचीत करते हुए उन्नाव से आए अभ्यर्थी शिवेश सिंह ने कहा, "68,500 शिक्षक भर्ती का मामला है। 5 प्रतिशत की छूट चारों वर्गों की मिलनी चाहिए थी। ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को अनारक्षित क्षेणी में रखा गया है। यह न्याय संगत नहीं है। बेसिक शिक्षा मंत्री की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री से बात की जाएगी, उन्हीं के स्तर से निर्णय हो पाएगा। हमारा कहना है कि मुख्यमंत्री हमारी बातों को सुनें और हम लोगों को न्याय दिलाएं।

एक महिला अभ्यर्थी ने कहा, "हम लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते हैं। हम लोगों को दिए गए आश्वासन पर सीएम से बात करना चाहते हैं।" एक और महिला अभ्यर्थी ने कहा कि हम लोगों की एक ही मांग है कि मुख्यमंत्री से बात करवाई जाए और हमारी समस्या का समाधान किया जाए।


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