मुजफ्फरनगर। जिले में रविवार को मिले युवक संदीप के रक्तरंजित शव के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि संदीप की हत्या उसकी पत्नी मीनाक्षी ने अपने प्रेमी गौतम उर्फ सौरभ के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा तथा खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। सोमवार को दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
14 फरवरी की रात रची गई साजिश
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि 14 फरवरी की शाम मीनाक्षी ने योजना के तहत संदीप को खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। खाना खाने के बाद संदीप गहरी नींद में चला गया। इसके बाद मीनाक्षी ने अपने प्रेमी गौतम को फोन कर घर बुलाया। पुलिस के अनुसार, घर पहुंचने पर गौतम ने हथौड़े से संदीप के सिर, चेहरे और गले पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है।
शव को बाइक पर ले जाकर जंगल में फेंका
हत्या के बाद दोनों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। आरोप है कि रात में ही संदीप के शव को बाइक पर रखकर चकरोड के रास्ते जंगल की ओर ले जाया गया और घास में फेंक दिया गया। इसके अलावा, खून से सने कपड़े, चादर और हत्या में इस्तेमाल हथौड़े को एक थैले में रखकर मलीरा बस अड्डे के पास नाले में फेंक दिया गया। रविवार सुबह जब स्थानीय लोगों ने जंगल में शव देखा, तो इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि संदीप की पत्नी मीनाक्षी और उसके ममेरे भाई गौतम के बीच प्रेम संबंध थे। गौतम का संदीप के घर आना-जाना था, क्योंकि संदीप उसकी बुआ का बेटा था। गौतम ने पूछताछ में बताया कि बुआ के घर आने-जाने के दौरान उसकी मीनाक्षी से नजदीकियां बढ़ीं। संदीप की गैरमौजूदगी में दोनों के बीच संबंध बने। जब इस बात की जानकारी संदीप को हुई, तो उसने विरोध किया और हरियाणा की नौकरी छोड़कर मुजफ्फरनगर में काम शुरू कर दिया, ताकि पत्नी और गौतम के संपर्क को रोका जा सके। पुलिस के अनुसार, संदीप दोनों के रिश्ते में बाधा बन रहा था। इसी कारण उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
शक के आधार पर हिरासत, फिर कबूलनामा
जंगल में शव मिलने के बाद पुलिस ने परिजनों और करीबी लोगों से पूछताछ की। पत्नी के व्यवहार और घटनाक्रम में विरोधाभास के चलते पुलिस को संदेह हुआ। शक के आधार पर मीनाक्षी और गौतम को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं।
पुलिस का बयान
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि मामला पूरी तरह सुनियोजित हत्या का है। आरोपी पत्नी ने पहले पति को बेहोश करने के लिए खाने में नींद की गोलियां मिलाईं और फिर प्रेमी को बुलाकर हत्या करवाई। उन्होंने कहा कि सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
परिवार और गांव में शोक
संदीप की हत्या की खबर से परिवार और गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस तरह की घटना की आशंका नहीं थी। परिजनों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
चर्चा का विषय
मुजफ्फरनगर का यह हत्याकांड रिश्तों में अविश्वास और आपसी विवाद के खतरनाक परिणाम को दर्शाता है। पुलिस की त्वरित जांच से मामले का खुलासा हुआ और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी। अब अदालत में सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल, यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।