नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन में फिर बवाल, सेक्टर 80 में पुलिस पर पत्थरबाजी; अब तक 350 गिरफ्तार

इस पूरे विवाद की जड़ कर्मचारियों की मांगें हैं। फेज-2 इलाके में एक कंपनी के कर्मचारी वेतन वृद्धि और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।

Update: 2026-04-14 05:15 GMT
गौतमबुद्ध नगर: Noida Protest: नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन ने अब गंभीर रूप ले लिया है। सोमवार को भड़की हिंसा के बाद मंगलवार को भी सेक्टर-80 और फेज-2 इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शन कर रहे कुछ मजदूरों द्वारा पुलिस पर पत्थरबाजी की खबर है, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

सेक्टर-80 में फिर भड़का प्रदर्शन

मंगलवार सुबह नोएडा के सेक्टर-80 में मजदूरों ने दोबारा प्रदर्शन शुरू कर दिया। शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से हुई, लेकिन कुछ देर बाद हालात बिगड़ गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिससे अफरातफरी मच गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्ती दिखाई और हालात को काबू में करने की कोशिश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोमवार की हिंसा में 350 गिरफ्तार

सोमवार को नोएडा के फेज-2 और आसपास के इलाकों में कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान भारी हिंसा भड़क उठी थी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 350 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी को जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने अब तक 7 एफआईआर दर्ज की हैं और पूरे मामले की जांच जारी है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

‘बाहरी तत्वों’ पर पुलिस का शक

पुलिस का दावा है कि कर्मचारियों के प्रदर्शन के खत्म होने के बाद कुछ ‘बाहरी’ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। अधिकारियों के मुताबिक, इन्हीं लोगों ने हिंसा को उकसाया और तोड़फोड़ को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि स्थानीय कर्मचारियों की मांगें अपनी जगह हैं, लेकिन हिंसा में शामिल कई लोग ऐसे थे, जिनका कंपनियों या मजदूरों से सीधा संबंध नहीं था।

फैक्ट्री में तोड़फोड़, CCTV कैमरे तोड़े गए

सेक्टर-80 स्थित जूते का सोल बनाने वाली SR यूनिवर्सल कंपनी में भी भारी नुकसान हुआ है। कंपनी के सिक्योरिटी इंचार्ज सत्यभान ने बताया कि करीब दोपहर 1 बजे 400 से 500 लोगों की भीड़ फैक्ट्री के बाहर पहुंची। उन्होंने बताया, “पहले उन्होंने बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े, फिर दीवार कूदकर अंदर घुस आए। अंदर घुसते ही उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की। कारें क्षतिग्रस्त कर दी गईं और रिसेप्शन एरिया को भी नुकसान पहुंचाया गया।” फैक्ट्री परिसर में अभी भी तोड़फोड़ के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं।

मजदूरों की क्या हैं मांगें?

इस पूरे विवाद की जड़ कर्मचारियों की मांगें हैं। फेज-2 इलाके में एक कंपनी के कर्मचारी वेतन वृद्धि और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है, लेकिन हिंसा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन और प्रदर्शनों के बाद योगी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी कर दी है। उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में एक हजार से लेकर करीब 3 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है और नया शासनादेश एक अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। 

सरकार ने गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11313 रुपये से बढ़ाकर 13690 रुपये कर दी है यानी 2,377 रुपये का इजाफा हुआ है। अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12445 रुपये से बढ़कर 15059 रुपये हो गई है, जिसमें 2,614 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13940 रुपये से बढ़कर 16868 रुपये कर दी गई है यानी 2928 रुपये का फायदा मिलेगा।

सोशल मीडिया पर भड़काऊ अभियान

नोएडा हिंसा के मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस ने 50 से ज्यादा संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की है, जिनके जरिए भड़काऊ पोस्ट और फर्जी सूचनाएं फैलाकर माहौल को खराब करने की कोशिश की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से कई अकाउंट पिछले 24 घंटे के भीतर ही बनाए गए थे, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह एक सुनियोजित साजिश हो सकती है।

STF को सौंपी गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी है। STF अब इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के डिजिटल ट्रेल, लोकेशन और उनसे जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति हिंसा भड़काने या अफवाह फैलाने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में

पुलिस के मुताबिक, फिलहाल नोएडा में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन मजदूरों की मांगों का समाधान कैसे करता है और क्या इस तनावपूर्ण स्थिति को पूरी तरह सामान्य किया जा सकेगा।
Tags:    

Similar News