फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के शिकोहाबाद क्षेत्र में चोरी के शक में एक युवक को घर से हिरासत में लेने के बाद उसकी गर्भवती पत्नी की मौत का मामला सामने आने से तनाव की स्थिति बन गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की दबिश के दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और इसके बाद प्रसव के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। सोमवार सुबह प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित ग्रामीण और परिजन थाने पहुंच गए और वहां हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी और दारोगा समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच के निर्देश दिए हैं।
चोरी के मामले की जांच में घर पहुंची पुलिस
जानकारी के अनुसार शिकोहाबाद क्षेत्र के जहेश गांव में परचून की दुकान में चोरी का मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी मामले में रविवार रात करीब 11:30 बजे दारोगा धर्मपाल के नेतृत्व में पुलिस टीम गौरव के घर पहुंची। परिजनों के अनुसार पुलिस टीम में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी शामिल थे। आरोप है कि पुलिस गौरव को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाने लगी। उसकी पत्नी अंजलि ने अपनी गर्भावस्था और तबीयत का हवाला देते हुए पुलिस से पति को नहीं ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उनकी बात नहीं सुनी गई।
पति को हिरासत में लेने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि दबिश के दौरान अंजलि के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उसे चोट पहुंची। पुलिस गौरव को अपने साथ ले गई। आरोप है कि पुलिस ने दबिश के दौरान युवक की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारी। उसके साथ गांव के एक अन्य युवक अजेंद्र प्रताप को भी हिरासत में लिया गया। दोनों को रातभर हवालात में रखे जाने की बात सामने आई है। इस बीच घर पर मौजूद अंजलि की तबीयत बिगड़ती चली गई। सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उसे जिला संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां उसने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई।
अस्पताल पहुंचने के बाद महिला की मौत
अंजलि की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आगे के इलाज के लिए लक्ष्मी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर पुलिस तक पहुंचने के बाद हिरासत में लिए गए गौरव और अजेंद्र प्रताप को छोड़ दिया गया। घटना की जानकारी गांव में फैलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचने लगे।
ग्रामीणों ने थाने में किया हंगामा
दोपहर करीब एक बजे परिजन और ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली से भीम आर्मी के पदाधिकारियों के साथ थाने पहुंचे। यहां लोगों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान थाने में रखी कुछ कुर्सियों में तोड़फोड़ किए जाने की भी बात सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया। हालात की जानकारी मिलने पर एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
छह पुलिसकर्मी निलंबित, जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। उनके अनुसार चौकी प्रभारी धर्मपाल, दारोगा सत्यपाल समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। पुलिस कार्रवाई और महिला की मौत के बीच संबंध को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल अधिकारियों ने मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।