नेपाल त्रासदी पर सीएम योगी ने जताई संवेदना, बोले- भारत-नेपाल संबंध सिर्फ राजनीति नहीं, साझा सांस्कृतिक विरासत भी
नेपाल में हालिया भीषण प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल और भारत के प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत का केवल राजनीतिक रूप से मित्र राष्ट्र नहीं, बल्कि दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड की शुरुआत को उन्होंने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की समृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। नेपाल में हाल में आई विनाशकारी बाढ़ में बड़े पैमाने पर जनहानि हुई है और बचाव एवं राहत अभियान जारी है।;
बहराइच। नेपाल में हालिया भीषण प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल और भारत के प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत का केवल राजनीतिक रूप से मित्र राष्ट्र नहीं, बल्कि दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड की शुरुआत को उन्होंने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की समृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। नेपाल में हाल में आई विनाशकारी बाढ़ में बड़े पैमाने पर जनहानि हुई है और बचाव एवं राहत अभियान जारी है।
सीएम योगी ने कहा कि इस त्रासदी में नेपाल के जिन परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया है, उनके साथ भारत के उन परिवारों के प्रति भी वह संवेदना व्यक्त करते हैं, जिनके अपने इस आपदा की चपेट में आए हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के लिए केवल एक मित्र राष्ट्र नहीं है, बल्कि दोनों देशों की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत साझा है। उन्होंने कहा कि भगवान पशुपतिनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक, गोरखा से लेकर गोरखपुर तक और जनकपुर से लेकर अयोध्या तक दोनों देशों के बीच आस्था, संस्कृति और परंपरा के गहरे संबंध हैं। दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर जाकर इस साझा विरासत का सम्मान करते हैं।
उन्होंने बहराइच के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए महाराजा सुहेलदेव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब एक हजार वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव ने इसी बहराइच की धरती पर विदेशी आक्रांता सालार मसूद को पराजित कर भारत की धरती को विदेशी आक्रांताओं से मुक्त रखने का कार्य किया था। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि आजादी के बाद भी दशकों तक महाराजा सुहेलदेव जैसे महान योद्धा को विस्मृत रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस विदेशी आक्रांता ने भारत को अपमानित करने का प्रयास किया, उसके नाम पर यहां उर्स और मेले आयोजित कराए जाते थे, जबकि महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा को पीछे कर दिया गया था।
सीएम योगी ने कहा कि आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं हो रहा है, बल्कि महाराजा सुहेलदेव की वीरता और विजयगाथा को समर्पित भव्य स्मारक बनकर तैयार हो चुका है। ‘रेल कनेक्टिविटी सिर्फ सीमा की सुरक्षा नहीं, पूरे क्षेत्र की समृद्धि का माध्यम’ मुख्यमंत्री ने नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल कनेक्टिविटी को क्षेत्र के लिए बड़ा परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यहां से शुरू होने वाली पहली ट्रेन रुपईडीहा से वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुंचाने का काम करेगी। वाराणसी सिटी तक सीधी रेल सुविधा से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को काशी से जोड़ने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के साथ कई ट्रेनों के नेपालगंज रोड तक विस्तार की शुरुआत भी की गई है। नई रेल कनेक्टिविटी से नेपालगंज रोड से बहराइच, गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी तक आवागमन आसान होगा। इससे सीमा क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि यह कनेक्टिविटी केवल सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की समृद्धि का रास्ता खोलने वाली है। इसके माध्यम से क्षेत्र में विकास की अनंत संभावनाएं पैदा होंगी। उद्योग लगेंगे, व्यापार बढ़ेगा, पर्यटन और कृषि को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि बहराइच के समीप स्थित कतर्नियाघाट इको-टूरिज्म क्षेत्र की संभावनाओं को भी नई रेल कनेक्टिविटी से बल मिलेगा। बेहतर आवागमन से देश के दूसरे हिस्सों से पर्यटकों के लिए इस प्राकृतिक पर्यटन केंद्र तक पहुंच आसान होगी। ‘जिस क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस से मासूम दम तोड़ते थे, वहां बीमारी का उन्मूलन हुआ’ मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र में कभी कहर बरपाने वाली इंसेफेलाइटिस बीमारी का भी उल्लेख किया।
उन्होंने पिछली सरकारों पर बीमारी को ‘अज्ञात बीमारी’ बताकर मासूम बच्चों की मौत पर पर्दा डालने का आरोप लगाया। सीएम योगी ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आई तो सरकार ने समस्या से आंखें नहीं फेरीं और न ही जनता की आंखों में धूल झोंकी। सरकार ने बीमारी की पहचान करने, उसके कारणों को खोजने और उसके उन्मूलन का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिस तरह माफिया का सफाया हुआ है, उसी तरह इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
उन्होंने कहा कि कभी जिस मौसम में यह क्षेत्र इंसेफेलाइटिस के कहर से जूझता था और मासूम बच्चों की मौत होती थी, आज उसी क्षेत्र में स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि नेपालगंज रोड से वाराणसी तक शुरू हुई यह रेल सेवा केवल एक नई रेल लाइन या ट्रेन सेवा नहीं है, बल्कि सीमा क्षेत्र को देश की सांस्कृतिक राजधानी से जोड़ने, भारत-नेपाल के ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने और बहराइच समेत पूरे तराई क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली कड़ी है।