अविनयमित जमा योजना रोकथाम विधेयक लोकसभा में पारित
अनियमित जमा योजनाओं को पूरी तरह अवैध और अपराध करार देने की सरकार की प्रतिबद्धता तथा करीब-करीब सम्पूर्ण विपक्ष के समर्थन के बीच लोकसभा में ‘अविनयमित जमा योजना रोकथाम विधेयक 2018’ आज ध्वनिमत से पारित
नयी दिल्ली। अनियमित जमा योजनाओं को पूरी तरह अवैध और अपराध करार देने की सरकार की प्रतिबद्धता तथा करीब-करीब सम्पूर्ण विपक्ष के समर्थन के बीच लोकसभा में ‘अविनयमित जमा योजना रोकथाम विधेयक 2018’ आज ध्वनिमत से पारित हो गया।
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन को आश्वस्त किया कि सरकार ने उन सारी कमियों को दूर करने का भरसक प्रयास किया है जिसके कारण गरीबों, मजदूरों और किसानों की गाढ़ी कमाई का पैसा लूट लिया जाता है।
उन्होंने परोक्ष रूप से तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ सदस्य निहित स्वार्थों की खातिर इस विधेयक को लटकाना चाहते हैं, लेकिन सरकार ऐसी योजनाओं पर नकेल कसने और निवेशकर्ताओं का धन संरक्षित करने के प्रति कृतसंकल्प है।
गोयल ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से करोड़ों लोगों की खून पसीने की कमाई को पोंजी कंपनियों के माध्यम से डकारने वाले लोगों को सजा दी जा सकेगी और सरकार को ऐसी कंपनियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार मिल जायेगा।
यह विधेयक पिछले वर्ष लोकसभा पेश किया गया था लेकिन बाद में इसे वित्त संबंधी स्थायी समिति को भेजा गया जिसने पिछले माह इस बारे में अपनी रिपोर्ट दी थी। समिति की रिपोर्ट की कई सिफारिशों के आधार पर विधेयक में संशोधन किए गए थे और अाज सभी संशोधनों के साथ विधेयक पारित हो गया।
विधेयक में अनियमित योजनाओं की नयी परिभाषा में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी ऐसी जमा योजना जो नियमित की श्रेणी में नहीं है, उसे अवैध और अपराध बनाया गया है।
साथ ही, ऐसी योजनाओं का किसी भी तरह से प्रचार-प्रसार तथा ब्रांड एम्बेसडर आदि के तौर पर उसका विज्ञापन करना भी अपराध होगा। ऐसी योजना चलाने वाली कंपनियों की संपत्ति जब्त करके जमाकर्ताओं का पैसा लौटाने का भी प्रावधान विधेयक में किया गया है। विधेयक पर चर्चा के दौरान पूरे सदन में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों का हंगामा चलता रहा।