सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी मामलों में दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों रुपए के बैंक धोखाधड़ी के लंबे समय से लंबित मामलों में वांछित दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

Update: 2026-01-30 17:59 GMT

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों रुपए के बैंक धोखाधड़ी के लंबे समय से लंबित मामलों में वांछित दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ये गिरफ्तारियां शुक्रवार को दो शहरों में चलाए गए एक सुनियोजित अभियान के बाद की गईं।

आरोपियों की पहचान राजस्थान के बांसवाड़ा निवासी संजय शर्मा (जिन्हें संजीव दीक्षित और पंकज भारद्वाज के नाम से भी जाना जाता है) और गुजरात के वडोदरा निवासी शीतल शर्मा (जिन्हें आरती शर्मा के नाम से भी जाना जाता है) के रूप में हुई है।

दोनों कई वर्षों से फरार थे और सक्षम न्यायालयों द्वारा उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।

सीबीआई के अनुसार, संजय शर्मा दो अलग-अलग बैंक धोखाधड़ी मामलों में नामजद थे। 13 मार्च, 2013 को दर्ज पहले मामले में, उन पर अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 9.95 करोड़ रुपए का चूना लगाने का आरोप था।

11 जुलाई, 2013 को दर्ज दूसरे मामले में, उन पर आरती शर्मा और अन्य लोगों के साथ मिलकर 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप था।

आरती शर्मा को 30 अगस्त, 2016 को एक मामले में भगोड़ा घोषित किया गया था, जबकि संजय शर्मा को 11 अगस्त, 2016 और फिर 23 नवंबर, 2017 को अलग-अलग मामलों में भगोड़ा घोषित किया गया था।

एजेंसी ने खुलासा किया कि संजय शर्मा को पहले 27 जुलाई, 2014 को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में 4 अप्रैल, 2016 को सोनीपत की एक अदालत में पेशी के दौरान वह फरार हो गया और उसके बाद भूमिगत हो गया।

जांचकर्ताओं ने पाया कि संजय शर्मा पंकज भारद्वाज के नाम से फर्जी पहचान बनाकर रह रहा था। वित्तीय लेनदेन और मोबाइल डेटा के विश्लेषण ने उनके ठिकाने का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों आरोपियों को जाली पहचान दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया। उन्हें सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें दिल्ली लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड जारी की।

मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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