मुजफ्फरनगर दंगे में भाजपा नेताओं पर मुकदमा वापस लेना दुर्भाग्यपूर्ण : माले
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने जारी बयान में कहा कि योगी सरकार 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे में इंसाफ नहीं होने देना चाहती है
लखनऊ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने मुजफ्फरनगर दंगे में नामजद योगी सरकार के मंत्री सुरेश राणा, विधायक संगीत सोम, पूर्व सांसद भारतेंदु सिंह, वीएचपी नेता साध्वी प्राची समेत एक दर्जन भाजपा नेताओं पर से मुकदमा वापस लेने की राज्य सरकार की अर्जी पर अदालत द्वारा मंजूरी देने को दुर्भाग्यपूर्ण कहा है।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने रविवार को जारी बयान में कहा कि योगी सरकार 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे में इंसाफ नहीं होने देना चाहती है। वह जनहित का बहाना बना कर अपराधियों को बचा रही है और अपने पद का दुरुपयोग कर रही है। जिस दंगे में दर्जनों ने जानें गवाईं और हजारों परिवार सुरक्षा की तलाश में पलायन को मजबूर हुए, उन्हें न्याय कौन दिलाएगा? योगी सरकार सत्ता के अहंकार में अपने ही पीड़ित नागरिकों के साथ अन्याय कर रही है।
श्री सुधाकर ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह कार्रवाई एक तरफ संविधान व कानून का माखौल उड़ाने जैसा है, वहीं दूसरी तरफ भेदभावपूर्ण भी है। सीएए-विरोधी आंदोलन में डॉ. कफील के खिलाफ पिछले साल अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण देने व वैमनस्य फैलाने का मुकदमा सरकार के इशारे पर दर्ज हुआ था और रासुका लगाकर महीनों जेल में रखा गया। इलाहाबाद हाइकोर्ट ने इसे अनुचित करार दिया और अंततः सरकार को उन्हें रिहा करना पड़ा, हालांकि मुकदमा वापस नहीं हुआ है।