ओडिशा: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई, 24.60 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एमटीआईएल) और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 24.60 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की।;

Update: 2026-11-03 17:54 GMT

भुवनेश्वर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एमटीआईएल) और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 24.60 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की।

ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की।

जब्त की गई संपत्ति में ओडिशा के राउरकेला के छेंड में स्थित प्लूटो प्लाजा मॉल का भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल का कुछ हिस्सा शामिल है, जो हनुमान खेदारिया द्वारा नियंत्रित कंपनी प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है।

ईडी की जांच सीबीआई, एसीबी और भुवनेश्वर द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। यह एफआईआर मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, उसके निदेशकों और पीईसी लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई थी, जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का एक उद्यम है।

ईडी ने आगे बताया, “आरोप है कि एमटीआईएल ने पीईसी लिमिटेड के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके अपनी वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत करके और अपनी संपत्तियों पर मौजूदा प्रभारों को छिपाकर लौह अयस्क की खरीद के लिए 19.40 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता धोखाधड़ी से प्राप्त की। संबंधित कंपनी तथागत एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) ने भी पीईसी लिमिटेड से 16 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता ली थी।”

एजेंसी ने यह भी बताया कि जब ऋण निष्पादित (एनपीए) हुआ, उस समय पीईसी लिमिटेड पर ब्याज सहित कुल बकाया राशि लगभग 56.89 करोड़ रुपए थी।

जांच के दौरान जांचकर्ताओं ने पाया कि पीईसी लिमिटेड से प्राप्त धनराशि को एमटीआईएल और टीईपीएल के बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया और एमटीआईएल के पूर्व शेयरधारकों (जिनमें हनुमान खेदारिया भी शामिल थे) को शेयर खरीद मूल्य के भुगतान के लिए उपयोग किया गया।

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि हनुमान खेदारिया और उनकी सहयोगी संस्थाओं को लगभग 15.31 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई, जिसमें आनुपातिक ब्याज मिलाकर कुल 24.60 करोड़ रुपए हो गए।

बाद में इन धनराशियों को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया और नकद निकासी, निवेश और व्यावसायिक खर्चों सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किया गया।

एजेंसी ने कहा, "तदनुसार, पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध की आय के समतुल्य मूल्य के रूप में प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित 24.60 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया गया है।"

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