कश्मीर, लद्दाख का दौरा करेंगे पर्यटन मंत्री   

जम्मू-कश्मीर के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल को खत लिखा था

Update: 2019-08-27 15:36 GMT

नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल को खत लिखा था और अब उनके पत्र का असर दिखना शुरू हो गया है। इस पत्र की जानकारी आईएएनएस ने कुछ समय पहले एक रपट में जाहिर की थी। पर्यटन मंत्रालय की एक टीम घाटी में भेजी जा रही है, जबकि मंत्री खुद दीवाली के बाद राज्य की यात्रा करेंगे। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पटेल लद्दाख से अपनी यात्रा शुरू करना चाहते हैं। नवनिर्वाचित लद्दाख के सांसद जमयांग त्सेरिंग नामग्याल ने राष्ट्रीय राजधानी का दौरा किया और इस नवनिर्मित केंद्र शासित क्षेत्र पर पर्याप्त ध्यान देने का सरकार से अनुरोध करने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव से मुलाकात की।

यहां तक कि लोकसभा में अपने भाषण के दौरान भी नामग्याल ने इस पर प्रकाश डाला था कि किस तरह से कश्मीर के लिए धन की अधिकतम मात्रा को आरक्षित रखा गया और लद्दाख पर ध्यान नहीं दिया गया। नामग्याल के इस भाषण की व्यापक सराहना हुई थी।

नामग्याल ने लद्दाख के पीडीपी नेताओं की उपस्थिति में माधव संग मुलाकात की। पीडीपी के ये नेता उनकी मांगों पर जोर देने के लिए सोमवार को भाजपा में शामिल हुए।

इसका असर दिखना शुरू हो गया। इन दो केंद्र शासित प्रदेशों की 15 चोटियां अब तक विदेशी पर्यटकों के लिए उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन अब इन्हें खोल दिया गया है। इस निर्णय को हाल ही में संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद लिया गया।

पर्यटन मंत्रालय की टीम माउंटेन स्पोर्ट्स, गाइड प्रशिक्षण, ट्रेकिंग के लिए पोर्ट्स प्रशिक्षण और होटल के वैकल्पिक अवसरों के बारे में भी पता लगाएगी, ताकि स्थानीय निवासियों को इसका लाभ मिल सकें।

हर्बल औषधि उद्योग की शुरुआत फिर से करने के लिए भाजपा नेता खन्ना के सुझाव पर पटेल के मंत्रालय ने तत्काल ध्यान नहीं दिया, लेकिन धार्मिक पर्यटन के उनके सुझाव को अधिकारियों ने खूब पसंद किया।

अब मंत्रालय, बौद्ध धर्म और इसकी शिक्षाओं का अनुभव कराने के लिए लद्दाख को एक पर्यटन केंद्र बनाने की उम्मीद करता है।

हालांकि सूत्रों ने कहा कि लद्दाख में पटेल की यात्रा लेह तक ही सीमित होगी, और वह कारगिल नहीं जाएंगे।

अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से विभिन्न मंत्रालयों द्वारा कई विकास योजननाओं को पेश किया जा रहा है और कई अवसरों का पता लगाया जा रहा है। मोदी सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत की मुख्य भूमि से इन दो केंद्र शासित प्रदेशों के सम्पर्क बेहतर होंगे।

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