हत्या के सुराग से जुड़े वीडियो ने पुलिस का ध्यान खींचा

पणजी ! एक स्थानीय युवक की 2006 में कथित तौर पर हत्या के वीडियो के सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गोवा मानवाधिकार आयोग और राज्य पुलिस का ध्यान मंगलवार को इसकी तरफ गया।;

Update: 2017-02-22 05:07 GMT

पणजी !  एक स्थानीय युवक की 2006 में कथित तौर पर हत्या के वीडियो के सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गोवा मानवाधिकार आयोग और राज्य पुलिस का ध्यान मंगलवार को इसकी तरफ गया। आयोग ने मंगलवार को राज्य के प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया। आयोग ने यह नोटिस शहर के एक वकील-सामाजिक कार्यकर्ता आयर्स रोड्रिग्स द्वारा वीडियो के साथ शिकायत किए जाने पर दी। इसमें 2006 के मामले को लेकर पुलिस जांच पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें कथित तौर पर एक स्थानीय भाजपा नेता की संलिप्तता बताई गई है।

इस 3.17 मिनट के वीडियो में कोल्हापुर के एक व्यक्ति पांडुरंग अधारकर का फुटेज है, जो कह रहा कि उसे पोरिएम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा उम्मीदवार विश्वजीत के. राणे ने 2016 में अपना चालक नियुक्त किया था। वह उत्तर गोवा के सत्तारी उप जिले में एक बार में शानू गांवकर की हत्या का गवाह है। इसमें वह कह रहा है कि गांवकर को राणे ने गोली मारी थी।

वीडियो में अधारकर ने आरोप लगाया है कि कथित तौर पर गांवकर की हत्या एक बदले का परिणाम थी। यह राणे के भाई पृथ्वीराज की 2005 में हत्या के जवाब में की गई जिसमें कथित तौर पर गांवकर भी शामिल था।

रोड्रिग्स ने आयोग को दी याचिका में कहा, "राज्य सरकार असली अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रही, जिसकी पुलिस के साथ मिलीभगत थी। जिसने न सिर्फ न्याय का मजाक बनाया बल्कि यह साफ तौर पर मृतक और उसके परिवार के सदस्यों के मानवाधिकारों का उल्लंघन है।"

वीडियों पर प्रतिक्रिया के लिए राणे से फोन पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं किया जा सका। उन्हें इस मामले पर एसएमएस के जरिए सवाल भेजे गए हैं।

उत्तर गोवा के पुलिस अधीक्षक कार्तिक कश्यप ने संवाददाताओं से कहा कि सोमवार को वीडियो सामने आने के बाद शानू गांवकर के मामले में एक जांच शुरू की गई।

कश्यप ने कहा, "सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हम अपनी जांच के तहत हम मामले में जुड़े लोगों से पूछताछ कर रहे हैं।"

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