नीतीश ने स्वास्थ्य विभाग लालू को ठेके पर दिया : भाजपा
पटना ! भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को स्वास्थ्य विभाग ठेके पर देने का आरोप लगाया
पटना ! भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को स्वास्थ्य विभाग ठेके पर देने का आरोप लगाया और कहा कि इसी का नतीजा है कि स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव जलेबी छानने, बांसुरी बजाने और महाभारत का मंचन करने में मशगूल हैं।
भाजपा विधानमंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग लालू प्रसाद को आउटसोर्स कर दिया है क्योंकि स्वास्थ्य मंत्री को तो जलेबी छानने, बांसुरी बजाने और महाभारत के मंचन से ही फुर्सत नहीं है। इसी का नतीजा है कि इंदिरा गांधी अयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) की गवर्निंग बोर्ड की बैठक 11 महीने बाद हुई है।
भाजपा नेता ने श्री कुमार पर तंज कसते हुये कहा कि मुख्यमंत्री चाहे तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरह लालू यादव को भी स्वास्थ्य सलाहकार समिति का अध्यक्ष बना कर मंत्री का दर्जा दे दें ताकि वे सरकार की सेहत का ख्याल रख सकें।
श्री मोदी ने सवालिया लहजे में कहा कि राजद अध्यक्ष लालू यादव बतायें कि 580 करोड़ रुपये की लागत से आईजीआईएमस स्थित मेडिकल काॅलेज के भवन निर्माण के लिए वर्ष 2011 में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिलने के बाद अब तक मात्र 45 करोड़ रुपये ही क्यों दिया गया है। वहीं, 120 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले क्षेत्रीय कैंसर सेंटर के लिए केन्द्र के 33 करोड़ रुपये देने के बावजूद अब तक उसका काम क्यों नहीं शुरू हुआ है।
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा पदाधिकारी के 44 प्रतिशत, विशेषज्ञ चिकित्सकों के 75, नर्स के 51, एएनएम के 59 और लैब टेक्नीशियन के 49 प्रतिशत पद रिक्त हैं, जो चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी नियुक्त हैं उन्हें आठ महीने से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि लालू यादव बतायें कि जब अस्पतालों में न तो चिकित्सक हैं और न ही चिकित्साकर्मी तथा जो चिकित्सक हैं उन्हें वेतन नहीं मिलता, दवाएं नदारद हैं तो फिर मरीज अस्पतालों में किस लिए आयेंगे।
भाजपा नेता ने कहा कि दो साल पहले सभी जिला अस्पतालों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में शरीर के अांतरिक हिस्सों की स्पष्ट चित्र लेने वाली मैगनेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) मशीन लगाने, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए केन्द्र प्रायोजित मुफ्त डायलिसिस की सुविधा देने के निर्णय का क्या हुआ। प्रदेश में नवजात बालिका शिशुओं की मृत्यु दर पिछले तीन साल में घटने की जगह 20 प्रतिशत क्यो बढ़ गई।