वास्तविक बैंकों के दिन समाप्त होंगे : कांत

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि वास्तविक बैंकों के दिन समाप्त हो रहे हैं और जो बैंक 2020 तक डेटा विश्लेषण और डिजिटल बैंकिंग नहीं अपनाएंगे, समाप्त हो जाएंगे

Update: 2017-12-11 22:19 GMT

नई दिल्ली। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि वास्तविक बैंकों के दिन समाप्त हो रहे हैं और जो बैंक 2020 तक डेटा विश्लेषण और डिजिटल बैंकिंग नहीं अपनाएंगे, समाप्त हो जाएंगे। कांत ने दो दिवसीय वित्त भारत शिखर सम्मेलन के पहले दिन कहा, "आप 2020 तक डिजिटल भुगतान की ओर एक विशाल परिवर्तन देखेंगे। मेरा विचार है कि 2020 वास्तव में एक नया मोड़ साबित होगा।"

उन्होंने कहा, "वह बैंक जो अच्छा डेटा विश्लेषण करने में असमर्थ हैं और ऑनलाइन काम नहीं कर रहे हैं वे बच नहीं पाएंगे, इसलिए वास्तविक बैंकों के दिन समाप्त हो रहे हैं और हर कोई ऑनलाइन काम करेगा। और आज हम उस दिन से सिर्फ दो साल पीछे हैं।"

नीति (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिग इंडिया) आयोग के सीईओ ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर, ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार), भुगतान बैंक, पॉइंट-ऑफ-सेल मशीन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजनाओं की गति को सरकार की ओर से बढ़ावा मिलेगा, जो जबरदस्त डेटा के निर्माण में नेतृत्व करेगा, और उसके लिए बहुत विश्लेषण की आवश्यकता होगी।

कांत ने कहा, "अगले दो-तीन वर्षो में, हर किसी के पास एक स्मार्टफोन होगा। फीचर फोन के दिन खत्म हो जाएंगे। भारत में स्मार्टफोन की कीमत इतनी कम हो जाएगी कि हर किसी के पास स्मार्टफोन होगा। 2020 तक हमारे पास एक अरब लोग इंटरनेट से जुड़े हुए होंगे।"

उन्होंने कहा, "इससे वित्तीय समावेशन की दिशा में हमारे कदम आगे बढ़ेंगे और लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया जाएगा।"

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