तेजस्वी ने सुशील मोदी को बताया बेरोजगार और छपास की बीमारी वाला
राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुत्र और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले भाजपा नेता सुशील मोदी को बेरोजगार और छपास की बीमारी वाला बताया
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुत्र और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले भाजपा नेता सुशील मोदी को बेरोजगार और छपास की बीमारी वाला बताया है।
सुशील मोदी ने आज दिल्ली में प्रेस वार्ता कर लालू प्रसाद यादव के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इन आरोपोंपर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर लिखा -
“सुशील मोदी को छपास की इतनी बीमारी है कि खबरों में आने के लिए मनगढ़ंत झूठ, कोरी बकवास करने और अफ़वाह का ढोल पीटने से भी बाज नहीं आएँगे। वह बेरोज़गार है। झूठ, पाखंड और अफ़वाह फैलाने का ठेका उठाये हुए है। उनकी बातों में सत्यता नहीं होती इसलिए उनकी PC में कोई वरिष्ठ BJP नेता भी नहीं आता क्योंकि भाजपाई नेता भी जानते हैं कि सुशील मोदी अपना वजूद तलाशने के फेर में कोरी बकवास कर रहा है। कितने भाजपाईयों ने यह बात स्वीकारी है।“
तेजस्वी यादव ने कहा -
“सुशील मोदी अगर सच्चे धर्मी है, ईमानदार है तो बताये जिस 13 एकड़ ज़मीन का ज़िक्र वह कर रहे हैं क्या वह BJP सांसद रमादेवी व परिवार के नाम रजिस्टर्ड है या नहीं? मैं चुनौती देता हूँ कि सुशील मोदी अगर सच्चा हिंदू धर्मी है तो मंदिर में चलकर सबूत और काग़ज़ात के साथ कहे कि अभी तथाकथित 13 एकड़ ज़मीन लालू की है BJP सांसद की नहीं।“
उन्होंने कहा -
“कोई आपको उपहार दे और आप लेना ना चाहे तथा वह उपहार लौटा दें तो क्या वह उपहार आपका माना जाएगा?लेकिन फिर भी 24 वर्ष बाद सुशील मोदी जैसे लोग झूठ की उल्टियाँ करने से बाज़ नहीं आते। फ़ोटो उक्त में Cancellation deed को देखिए इससे साफ है कि स्वर्गीय ब्रजबिहारी द्वारा प्रेम स्वरूप उपहार ज़मीन हमने 1993 में ही वापस कर दी गई लेकिन भाजपाईयों को ख़बर बनवानी होती है तो कुछ भी बकते रहते है और समर्थित मीडिया को सच से कोई लेना-देना नहीं होता क्योंकि ये भाजपाईयों का झूठ बेचने में व्यस्त है।“
तेजस्वी ने कहा किसुशील मोदी जैसे हारे हुए भाजपाई आरोप लगाते है और समर्थित मीडिया बिना जाँच-पड़ताल के उसे घोटाले का नाम दे देती है और हम सबूत के साथ खंडन करते हैं तो हमारी ख़बर ही ग़ायब कर देते हैं।