चेन्नई ट्रिपल मर्डर: प्रवासी परिवार की हत्या पर सियासी तूफान
एक दुखद घटना में एक युवा प्रवासी महिला, उसके पति और उनके दो साल के बेटे की हत्या के बाद तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं
महिला-पुरुष-बच्चे की हत्या से गूंजा तमिलनाडु, विपक्ष ने स्टालिन सरकार को घेरा
- "चेन्नई अब सुरक्षित नहीं"— भाजपा नेताओं का बड़ा आरोप
- डीएमके सरकार पर सवाल: महिलाओं की सुरक्षा पर विपक्ष का हमला
- नालंदा से चेन्नई आए परिवार की हत्या, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
चेन्नई। एक दुखद घटना में एक युवा प्रवासी महिला, उसके पति और उनके दो साल के बेटे की हत्या के बाद तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं। विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री एमके. स्टालिन पर चेन्नई में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने शुक्रवार को पेरुंगुडी कचरा डंपिंग यार्ड से 21 वर्षीय मिनुकुमारी का शव बरामद किया। इससे पहले, उसके पति गौरव कुमार (24) और उनके दो साल के बेटे बिरमानी कुमार के शव चेन्नई के अलग-अलग इलाकों में मिले थे। तीनों की हत्या कर शव फेंक दिए गए थे। यह परिवार बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला था और रोजगार की तलाश में हाल ही में चेन्नई आया था।
इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता कस्तूरी शंकर ने कहा कि चेन्नई, जिसे कभी देश के सबसे सुरक्षित शहरों में गिना जाता था, पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा के मामले में काफी खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, खासकर चेन्नई में महिलाओं के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना भी जताई।
बीजेपी नेता और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने इस घटना को “बहुत दुखद” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उनका कहना है कि राज्य में यौन उत्पीड़न और नशे से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और महिलाएं अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिक्रिया महिलाओं के खिलाफ हाल के अपराधों को लेकर बढ़ते गुस्से के बीच सामने आई है। इनमें चेन्नई के नंदनम स्थित सरकारी आर्ट्स कॉलेज के कैंपस के अंदर एक महिला के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना भी शामिल है। इन घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में लगभग हर दूसरे दिन महिलाओं के खिलाफ अपराधों की खबरें सामने आ रही हैं।
बीजेपी नेता कस्तूरी शंकर ने मुख्यमंत्री पर स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं, खासकर शहरों और सार्वजनिक संस्थानों में।
इस हत्याकांड के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो गए हैं। विपक्षी दल सरकार से जवाबदेही तय करने और चेन्नई में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।