डोनाल्ड ट्रंप को कमल हासन का ओपन लेटर, बोले-भारत अपने फैसले खुद लेने वाला देश, हम विदेशी सरकारों का हुकुम नहीं मानते

कमल हासन का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर बहस तेज है। उनके इस पोस्ट को कई लोग ट्रंप के हालिया बयान पर परोक्ष टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं।

Update: 2026-03-08 06:45 GMT
नई दिल्ली/चेन्नई: राज्यसभा सदस्य, अभिनेता और मक्कल नीधि माइअम (एमएनएम) के संस्थापक कमल हासन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक ओपन लेटर लिखकर चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए इस पत्र में कमल हासन ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और वह अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है। कमल हासन का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर बहस तेज है। उनके इस पोस्ट को कई लोग ट्रंप के हालिया बयान पर परोक्ष टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं।



 


कमल हासन ने पत्र में क्या कहा

कमल हासन ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किए गए पत्र में लिखा कि भारत किसी भी अन्य देश से आदेश लेने वाला राष्ट्र नहीं है। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति से अपने देश के मामलों पर ध्यान देने की सलाह भी दी। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “सेवा में, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। माननीय राष्ट्रपति जी, हम भारत के लोग एक आजाद और अपने फैसले खुद लेने वाले देश के नागरिक हैं। अब हम किसी दूसरे देश से ऑर्डर नहीं लेते। कृपया अपने काम से काम रखें। देशों के बीच आपसी सम्मान ही दुनिया में शांति बनाए रखने का सही तरीका है। हम आपके देश और वहां के लोगों के लिए शांति और तरक्की की कामना करते हैं।” पोस्ट के अंत में उन्होंने खुद को ‘एक प्राउड भारतीय नागरिक’ बताते हुए अपने राजनीतिक दल मक्कल नीधि माइअम का भी उल्लेख किया।

रूस से तेल खरीद को लेकर उठी बहस

दरअसल हाल के दिनों में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बढ़ गया है। विशेष रूप से ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करने की खबरों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति गुजरती है। इस मार्ग में बाधा आने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच अमेरिका की ओर से यह जानकारी सामने आई कि भारत को 3 अप्रैल तक रूस से कच्चा तेल खरीदने की अस्थायी छूट दी गई है।

अमेरिकी प्रशासन का क्या कहना है

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के तहत उठाया गया है।उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए यह अस्थायी व्यवस्था की गई है।बेसेंट के अनुसार, इस छूट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति अचानक बाधित न हो और कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

कमल हासन का पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन किया और इसे भारत की संप्रभुता पर जोर देने वाला कदम बताया। वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने सवाल उठाया कि कमल हासन किस हैसियत से भारत की ओर से बयान दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया, जबकि कुछ ने इसे अनावश्यक विवाद पैदा करने वाला कदम करार दिया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारत को किसी भी देश की ओर से कोई आदेश नहीं दिया गया है, इसलिए इस तरह की टिप्पणी करने की जरूरत नहीं थी।

पहले भी बेबाक बयान देते रहे हैं कमल हासन

कमल हासन अपने बेबाक विचारों के लिए जाने जाते हैं और अक्सर सामाजिक तथा राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर राय रखते हैं। अभिनेता होने के साथ-साथ वह सक्रिय राजनीति में भी हैं और तमिलनाडु में मक्कल नीधि माइअम नामक पार्टी के संस्थापक हैं। हाल ही में उन्हें राज्यसभा सदस्य भी बनाया गया है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके बयान कई बार चर्चा का विषय बनते रहे हैं।

तनाव के बीच बढ़ी संवेदनशीलता

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति भी काफी संवेदनशील हो गई है। ऐसे समय में रूस से तेल खरीद, अमेरिकी नीतियां और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में बने हुए हैं। कमल हासन का यह ओपन लेटर भी इसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय बहस के बीच सामने आया है, जिसने राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों ही मंचों पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

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