जेपी की अधूरी परियोजना पर सुप्रीम कोर्ट ने जानना चाहा एनबीसीसी का रुख

उच्चतम न्यायालय ने आम्रपाली परियोजना के बाद अब जेपी परियोजना पूरी करने की ज़िम्मेदारी भी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को सौंपने का मन बनाया है। 

Update: 2019-09-03 13:30 GMT

नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने आम्रपाली परियोजना के बाद अब जेपी परियोजना पूरी करने की ज़िम्मेदारी भी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को सौंपने का मन बनाया है। 

शीर्ष अदालत ने एनबीसीसी से पूछा है कि क्या वह यह ज़िम्मेदारी निभाने को राजी है? 

न्यायालय ने एनबीसीसी को दो दिनों में अपना रुख बताने को कहा है। 

केंद्र ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह जेपी इंफ्राटेक पर करोड़ों रुपए के कर बकाए में छूट देने को राजी है अगर एनबीसीसी इन परियोजनाओं को पूरा करने की ज़िम्मेदारी ले ले।

जेपी समूह ने न्यायालय से गुजारिश की है कि उसे एक बार जेपी इंफ्राटेक को फिर से खड़ा होने का मौका देना चाहिए, क्योंकि वह सभी ऋणदाता बैंकों को बकाया लौटाने और सभी अधूरी परियोजनाएं तीन साल मे पूरे करने को तैयार है। लेकिन शीर्ष अदालत ने कहा कि वह पहले एनबीसीसी को सारी अधूरी परियोजनाएं देने के विकल्प पर ही विचार करना चाहता है।


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