जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने विद्यार्थी मजबूर
आ.जा.का.वि. द्वारा संचालित कन्या पूर्व माध्यमिक शाला दुबटिया, कुडकई के भवन की हालत अत्यंत जर्जर होने के कारण छात्रों को पढ़ाई लिखाई में अत्यंत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा
कभी भी घट सकती है दुर्घटना
पेण्ड्रा। आ.जा.का.वि. द्वारा संचालित कन्या पूर्व माध्यमिक शाला दुबटिया, कुडकई के भवन की हालत अत्यंत जर्जर होने के कारण छात्रों को पढ़ाई लिखाई में अत्यंत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भवन के अभाव में कक्षा 6वीं के छात्र अतिरिक्त कक्ष के सकरे बरामदे में बैठकर पढ़ाई करते है। वहीं शाला परिसर में स्थित पुराने नीलगिरी के पेडों के गिरने की आशंका के कारण छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक भयाकांत है।
पेण्ड्रा विकासखण्ड के दुबटिया स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक शाला दुबटिया, कुडकई विकासखण्ड का सबसे स्वच्छ एवं सुंदर के रूप में जानी पहचानी जाती है। इस षाला का परिसर हराभरा एवं स्वच्छ रहता रहा है तथा विद्यालय के शिक्षकों के कडी मेहनत एवं लगन से यहां अच्छा शैक्षिक वातावरण एवं पढाई होती है परंतु वर्तमान में विद्यालय के छात्र-छात्राएं भवन की समस्या से परेशान है। दरअसल जिस पुराने भवन में विद्यालय संचालित होता रहा है वह भवन अत्यंत पुराना एवं जर्जर हो गया है तथा विद्यालय के छानी की लकडियां दीमक खाने से सड गई है तथा दरवाजे खिडकियां भी टूट गए है। कई बार छानी की लकडी सडकर गिरने के कारण उत्पन्न समस्या के चलते विद्यालय स्टाफ ने पुराने भवन में कक्षा संचालित बंद कर दिया है तथा अतिरिक्त कमरे के बरामदे में कक्षा 6वीं संचालित कर रहे है। भवन के मरम्मतीकरण एवं सुधार के लिये जनभागीदारी अध्यक्ष दषरथ कष्यप एवं छात्र-छात्राओं ने हर स्तर पर ध्यान आकृष्ठ कराया है परंतु अभी तक विद्यालय के भवन का मरम्मतीकरण नही हो सका है। विकासखण्ड की सबसे पुरानी मीडिल स्कूल की यह दुर्दशा सभी को खटक रही है परंतु भवन के सुधार का कार्य नही हो पाया है जिससे छात्र-छात्राएं परेषान है।
सरकार यदि इस विद्यालय भवन का मरम्मत न भी कराये तो एक अतिरिक्त कक्ष के निर्माण की स्वीकृति से यहा भवन की समस्या काफी हद तक सुलझ सकती है परंतु समस्या सुलझाने के लिये अधिकारियों में इच्छाशक्ति का अभाव होने के कारण विद्यालय बदहाल स्थिति में है। इसी के साथ विद्यालय के छात्र-छात्राओं की परेशानी यह है कि विद्यालय परिसर में पुराने हो चुके नीलगिरी के वृक्ष है जो थोडी भी हवा चलने पर इनकी डगालें टूटकर गिरने लगती है तथा बडे पुराने डगाल के गिरने से अनहोनी घटना भी टल चुकी है। हालांकि विद्यालय का प्रबंधन नीलगिरी के वृक्षों को कटवाने का प्रस्ताव कई बार रख चुका है परंतु अभी इस पर निर्णय नही हो पाया है। छात्र-छात्राओं एवं जनभागीदारी समिति ने शाला भवन के मरम्मतीकरण या अतिरिक्त कक्ष के निर्माण की स्वीकृति तथा परिसर के पुराने नीलगिरी के वृक्षों को कटवाने की मांग की है। यहां पर उल्लेखनीय है कि पेण्ड्रा विकासखण्ड के ग्राम कुडकई में ही मुख्यमंत्री डीएव्ही मॉडल स्कूल तथा एक अन्य हाईस्कूल संचालित है परंतु मुख्य मार्ग के दुबटिया स्थित स्कूल की उपेक्षा की गई है जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड रहा है।
शिकायत की गई
ग्राम सेंवरा के ग्रामीणों ने मांग की है कि कन्या पूर्व माध्यमिक शाला दुबटिया, कुडकई का युक्तियुक्तकरण सेंवरा में कर दिया जाये ताकि ग्राम पंचायत सेंवरा इस स्कूल का देखरेख एवं प्रबंधन करें। सेंवरा के ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत कुडकई इस स्कूल के प्रबंधन पर इसलिये ध्यान नही देती क्योंकि इसमें सेंवरा के बच्चे ज्यादातर है जबकि कुडकई में एक अन्य मिडिल स्कूल गांव के भीतर है। कन्या पूर्व माध्यमिक षाला दुबटिया, कुडकई की जर्जर स्थिति को देखते हुये ग्रामीणों ने जिला षिक्षा अधिकारी बिलासपुर एवं सहायक आयुक्त बिलासपुर को युक्तियुक्तकरण का आवेदन दिया है।