सद्भाव स्थापित करना जरूरी, संभल हिंसा पर बोले जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार
उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने गहरी चिंता व्यक्त की है
पटना। उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने गहरी चिंता व्यक्त की है। नीरज कुमार ने संभल पुलिस के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें पुलिस ने कहा था कि इस घटना में लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है और इसकी वसूली उपद्रवियों से की जाएगी।
संभल पुलिस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने घटना को दुखद और पीड़ादायक बताया। इस हिंसा को एक गंभीर सामाजिक मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे समाज को चिंतित कर दिया है। यह स्वाभाविक रूप से एक ऐसा विषय है, जिस पर समग्र समाज को एकजुट होकर विचार करना चाहिए। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें केवल कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि एक मजबूत सामाजिक ताने-बाने की भी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए सक्षम कानून तो पहले से ही बने हुए हैं, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि इन कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में पंचायती राज व्यवस्था और आरक्षण के माध्यम से हम नक्सलवाद को नियंत्रित करने में सफल हुए। उसी तरह संभल जैसी घटनाओं पर काबू पाना भी एक सामाजिक जिम्मेदारी है।
नीरज कुमार ने कहा कि भय पैदा करके कानून-व्यवस्था कायम नहीं की जा सकती। समाज में सद्भाव और आपसी विश्वास को पहले मजबूत किया जाए, ताकि ऐसे मुद्दों का समाधान संभव हो सके। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसी रणनीति की आवश्यकता है, जिसमें लोगों के बीच आपसी सामंजस्य और समझ बनी रहे, ताकि हिंसा की घटनाएं कम हो सकें और समाज में शांति स्थापित की जा सके।
संभल हिंसा मामले में गुरुवार को एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया था कि 7.65 मिमी के दो खोखे और 12 बोर के दो कारतूस मिले हैं। इन कारतूसों पर 'मेड इन यूएसए' लिखा हुआ है। पहले पाकिस्तान आर्मी फैक्ट्री से जुड़े विदेशी कारतूस मिले थे। अब तक कुल 10 विदेशी कारतूस बरामद हो चुके हैं, जो भारत में प्रतिबंधित हैं। उन्होंने कहा था कि भारत में कोई भी सुरक्षा एजेंसी इन विदेशी कारतूसों का प्रयोग नहीं करती है। फॉरेंसिक टीम बैलिस्टिक विशेषज्ञों से राय लेकर इन साक्ष्यों को पुलिस के सुपुर्द करेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा था कि इस घटना में 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। चार लोगों की मौत हुई थी। अब तक 34 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 83 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। करीब 400 से ज्यादा लोगों के फोटो की पहचान की जा चुकी है। इसके अलावा, जिन लोगों ने सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उसका आकलन लगभग हो चुका है। भीड़ में जिन उपद्रवियों द्वारा इस संपत्ति को तबाह किया गया था, उन्हीं लोगों से वसूली की तैयारी चल रही है।