कांग्रेस और सपा दोनों का एक ही लक्ष्य, भाजपा को सरकार से हटाना : अजय राय

हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी ने 90 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 37 सीटों पर जीत मिली है

Update: 2024-10-11 07:49 GMT

लखनऊ। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी ने 90 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 37 सीटों पर जीत मिली है। इस बार राज्य में छोटे दलों का सफाया हो गया है। क्षेत्रीय दलों की बात करें तो सिर्फ इनेलो को दो सीटों पर जीत मिली है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हार की कमी को पूरा करने की कोशिश करेंगे।

अजय राय ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नतीजे निश्चित रूप से हमारी उम्मीदों के विपरीत आए हैं। हमसे जो भी कमियां रहीं, हम उनकी भरपाई करने की कोशिश करेंगे। चुनाव से पहले हमारे कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत की थी। नतीजे हमारे पक्ष में नहीं आए हैं। हम इसकी समीक्षा कर रहे हैं कि हमसे कहां कमी रह गई।

समाजवादी पार्टी कह रही है कि अगर हम हरियाणा में कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रहे होते तो नतीजे कुछ और होते। इस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि इस पर फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व को करना है। हमारे वरिष्ठ नेता जो भी फैसला लेंगे, वे पक्का फैसला लेंगे। वे जो भी फैसला लेंगे, कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है।

उत्तर प्रदेश उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इस पर अजय राय ने कहा कि सपा ने जो भी घोषणा की है, वह उनका अपना फैसला है। बाकी जो बातें सामने आएंगी, उन पर राष्ट्रीय नेतृत्व विचार कर रहा है। दोनों पार्टियों का लक्ष्य एक ही है। समाजवादी पार्टी का लक्ष्य भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार को हटाना है। प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर और हर मामले में धोखाधड़ी को पूरी तरह से खत्म करना है। कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य भी प्रदेश से धोखाधड़ी को खत्म करना है। यहां एक साफ-सुथरी और सुसज्जित सरकार बननी चाहिए।

उत्तर प्रदेश के हाथरस सत्संग में 121 श्रद्धालुओं की मौत के मामले में बाबा नारायण साकार हरि गुरुवार को लखनऊ सचिवालय में न्यायिक आयोग के सामने पेश हुए। उनके वकील का कहना है कि यह एक साजिश का हिस्सा था। इसमें बाबा का कोई दोष नहीं है। इस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि वह भीड़ किसके लिए इकट्ठा की गई थी। उस भीड़ के इकट्ठा होने का कारण क्या था। वह बाबा ही थे। भीड़ किसी और कारण से इकट्ठा नहीं की गई थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि इसकी गहन जांच होनी चाहिए और बाबा को भी उस जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।

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